झांसी। राजस्व वसूली के वार्षिक लक्ष्य में पिछड़े वाणिज्य कर विभाग के लिए दिवाली के मौके पर झोली भरने का मौका था, लेकिन सचल दल अफसरों की कमी से यह मौका हाथ से चला गया। जो अफसर थे उनका भी रुख ठंडा रहा। इससे दिवाली सीजन में एक भी वाहन सचल दल के हत्थे नहीं चढ़ा।
वाणिज्य कर कमिश्नर मुख्यालय लखनऊ ने दीपावली पर होने वाली भारी खरीदारी को देखते हुए सचल दलों को सख्ती से चेकिंग के निर्देश दिए थे। त्योहार पर बड़ी मात्रा में परचून, ड्राई फ्रूट्स, इलेक्ट्रिकल गुड्स, गिफ्ट आइटम, रेडीमेड गारमेंट्स, बर्तन व किराना वस्तुएं टैक्स चोरी कर नगर में लाईं गईं।
मगर, वाणिज्य कर सचल दल इस बार महानगर में आए ऐसे एक भी वाहन को पकड़ने में सफलता हासिल नहीं कर सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पांच सचल दल में मात्र दो इकाइयों में ही अफसर तैनात हैं। दूसरा, पंचायत चुनाव में विभागीय गाड़ियां लगने से चेकिंग का काम प्रभावित रहा। इस कारण लक्ष्य को पाना मुश्किल भरा बना रहा। कारण कुछ भी रहा हो, इससे विभाग को लाखों रुपये के राजस्व का चूना अवश्य लगा।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश के मुकाबले कम टैक्स होने के कारण दिवाली के दिनों में वहां से बस व अन्य वाहनों से यहां प्रचुर मात्रा में व्यापारी माल लाए। इस संबंध में अफसरों को संचार माध्यमों से सूचना भी मिली थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
बाहरी गाड़ियों को पकड़कर लक्ष्य पूरा करने की कोशिश
वाणिज्य कर सचल दलों ने अक्तूबर माह में हाईवे पर चेकिंग कर दूसरे प्रांतों को जा रहे 550 वाहनों की जांच की। इस दौरान 49 अपंजीकृत व्यापारी, 20 पंजीकृत व 15 बहती के मामलों में टैक्स चोरी पकड़ी। इन वाहनों में पकड़े गए माल पर 40.10 लाख रुपये टैक्स जमा कराया गया।