अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत मंगलवार को समाचार पत्र वितरक और उनके बच्चों के साथ क्रिसमस मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों को बाल फिल्म दिखाई गई और बेटियों ने क्रिसमस का केक भी काटा। बाद में सभी ने शपथ पत्र भरकर नारी गरिमा का अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली।
ग्वालियर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में समाचार पत्र वितरक और उनके बच्चे शामिल हुए। इस दौरान बाल फिल्म ‘करामती कोट’ का प्रदर्शन हुआ, जिसमें देखने को मिला कि फिल्म का बाल नायक रघु मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का आर्थिक सहयोग करता है। उसे एक चमत्कारी कोट मिल जाता है, जिसकी जेब से हमेशा पैसे निकलते हैं। इससे उसकी आर्थिक कठिनाइयां दूर हो जाती हैं, लेकिन चोर उसके पीछे पड़ जाते हैं। यहां तक कि रघु की जान पर भी बन आती है। आखिर में रघु कोट को समुद्र में फेंक देता है। 90 मिनट की इस फिल्म के जरिये बच्चों को ‘लालच बुरी बला है’ का संदेश दिया गया। इस दौरान बालिकाओं ने सामूहिक रूप से क्रिसमस का केक काटा और मनोरंजक गेम्स भी हुए। कार्यक्रम में सभी उत्साहित नजर आए।
बुरी बला है लालच
फिल्म में देखा कि लालच इंसान को परेशानियों में डाल सकती है। कभी लालच नहीं करना चाहिए। हमेशा अपनी मेहनत पर विश्वास करना चाहिए।
- आशिता साहू
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जरूरी है ईमानदारी
ईमानदारी से अपने हर काम को अंजाम देना चाहिए। यही संदेश फिल्म से मिला है। लालच करना ठीक नहीं होता है। लालच जीवन को भी खतरे में डाल सकती है।
बेटियों को मिला सम्मान
अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के जरिये बेटियों को खासा सम्मान दिया जा रहा है। ये संदेश समाज में भी जाना चाहिए। महिलाओं का सम्मान करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है।
- शिखा
हमेशा हिम्मत रखो
परिस्थिति चाहे कैसी हो, हिम्मत हमेशा रखनी चाहिए। फिल्म के नायक रघु की हिम्मत से ही उसकी जान बची। अन्यथा चोर उसकी जान ले लेते।
- कुुमकुम