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नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने पर सपाइयों को हिरासत में लिया

Fri, 20 Dec 2019 03:08 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
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arrested - फोटो : अमर उजाला
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 नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे सपा के सांसद, पूर्व विधायकों समेत ढाई सौ पार्टी कार्यकर्ताओं को बृहस्पतिवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें पुलिस लाइन से छोड़ दिया गया। इस दौरान सपाइयों और पुलिस की नोकझोंक भी हुई। सपाइयों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए।

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समाजवादी पार्टी के आंदोलन के ऐलान के चलते बृहस्पतिवार को सुबह से ही कलक्ट्रेट परिसर व आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका था। कलक्ट्रेट की ओर जाने वाले मार्गों पर बेरिकेडिंग लगाकर पुलिस की तैनाती कर दी गई थी। वाहनों को बदले हुए मार्गों से निकाला जा रहा था। जेल चौराहे से कचहरी चौराहे तक की सड़क का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया था।

सपा के कई नेताओं के घरों के इर्दगिर्द पुलिस तैनात कर दी गई थी। इसी दरम्यान तकरीबन साढ़े ग्यारह बजे राज्यसभा सदस्य डा. चंद्रपाल सिंह यादव पुलिस को चकमा देकर गांधी उद्यान तक पहुंच गए।
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वे सदर बाजार वाले रास्ते से तीन दर्जन सपाइयों के साथ वहां पहुंच गए, लेकिन यहां से पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इस पर वे गांधी उद्यान के बाहर धरने पर बैठ गए। लगभग आधा घंटे बाद पुलिस ने उन्हें कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लेकर बस से पुलिस लाइन के लिए रवाना कर दिया।

वहीं, कचहरी चौराहे के पास स्थित पार्टी कार्यालय पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव, रश्मि आर्या, पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह, जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव समेत अन्य पार्टी कार्यकर्ता एकत्र हो गए। कार्यालय के बाहर भारी तादाद में पुलिस बल जमा था। यहां से सपाइयों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

सपाइयों ने यहीं धरना शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक वे यहां बैठे रहे, पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया और यहीं से हिरासत में लेकर बसों में भरकर पुलिस लाइन भेज दिया। हिरासत में लेने के दौरान पुलिस और सपाइयों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सपाइयों को पुलिस लाइन में लगभग दो घंटे बैठाए रखा गया। यहां सपाइयों ने चेतावनी दी कि उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए, बेल लेकर वे छूटने को तैयार नहीं हैं। बाद में नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने के बाद सभी छोड़ दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान राकेश पाल, सुदेश पटेल, शकील खान, असफान सिद्दीकी, चंद्रप्रकाश मिश्रा, प्रकाश सिंह यादव, अजय सूद, अमजद मंसूरी, अबरार अली, संग्राम सिंह, अयान हाशमी मौजूद आदि समेत सैकड़ों सपाई मौजूद रहे।

रोक दी थीं बसें
प्रदर्शन से पहले पुलिस ने हाइवे पर भी सुरक्षा बढ़ा दी थी। मऊरानीपुर की तरफ से आने वाली बस में सवार कार्यकर्ताओं को भगवंतपुरा के पास रोक दिया था। माेंठ की तरफ से आने वाले वाहनों को हाइवे पर रोका था।

देश को बांट रही भाजपा
प्रदर्शन के दौरान सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि वोट की राजनीति के खातिर भाजपा देश को बांटने का काम कर रही है। कैब और एनआरसी के विरोध में केवल अल्पसंख्यक ही नहीं, बल्कि बहुसंख्यक हिंदू समाज भी खड़ा हुआ है। भाजपा ने आंबेडकर के बनाए संविधान का अपमान किया है। पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में जंगलराज कायम है। इसके विरोध में जनता की आवाज को दबाया जा रहा है। पूर्व विधायक डॉ. रश्मि आर्या ने कहा कि सरकार ने जनता के साथ छलावा किया है। जनता इसे उखाड़ फेंकेगी। इस दौरान अन्य नेताओं ने भी विचार व्यक्त किए।

आंदोलन में नहीं दिखे कई चेहरे
प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के द्वारा पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रहने वाले तमाम नेता बृहस्पतिवार को आंदोलन के दौरान नजर नहीं आए। वहीं, कई ऐसे भी सपाई रहे, जिन्होंने आंदोलन में तो उपस्थिति दर्ज कराई, परंतु पुलिस के आने पर गिरफ्तारी के डर से नजर बचाकर इधर - उधर हो लिए।

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