संयुक्त राष्ट्र में ‘परमाणु व आतंकवाद’ का मुद्दा छाया
झांसी। महात्मा हंसराज मॉडर्न स्कूल में ‘मॉडल यूनाईटेड नेशंस’ का शुभारंभ हुआ, जिसमें आतंकवाद व परमाणु का मुद्दा छाया रहा। इस पर कई देशों ने आतंकवाद का खात्मा करने के लिए हथियारों पर प्रतिबंध लगाने तथा परमाणु नीति पर चर्चा हुई।
प्रथम समिति में संयुक्त राष्ट्र संघ के कानून के तहत हथियारों के सामूहिक विनाश से आतंकवादियों को रोकने के उपाय पर चर्चा हुई। कमेटी सदस्य के रूप में कार्य कर रहे अध्यक्ष अशिताभ मिश्रा, उपाध्यक्ष रोहित कर, उपाध्यक्ष आयुष अग्रवाल उपस्थित रहे। इस कमेटी में लगभग 180 देशों के प्रतिनिधियों ने हथियार एवं आतंकवाद को रोकने के लिए अपनी राय प्रस्तुत की, जिसमें ‘जियो और जीने दो का आदर्श ही उसका धर्म है’ के नारे के साथ प्रथम दिन की चर्चा प्रारंभ की।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु अभिकरण (आइएईए) के बारे में भी चर्चा की गई एवं भारत की परमाणु नीति के बारे में बताया। कहा गया कि भारत ने 2003 में अपना परमाणु सिद्धांत परीक्षण किया था। भारत के पास परमाणु हथियारों की संख्या लगभग 110 से 130 मानी गई है। जबकि, पाकिस्तान के पास 130 से 150 है। चर्चा में परमाणु हथियार, रसायनिक हथियार एवं जैविकी हथियारों के बारे में बताया गया। रसायनिक शस्त्र निषेध संगठन जो 29 अप्रैल 1997 को लागू हुआ, जिसमें लगभग 193 देशों के साथ हैं एवं नीदरलैंड ने भी अपनी सीट बनाई।
द्वितीय समिति में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में मुद्दा ‘तकनीक प्रगति के माध्यम से मानवाधिकाराें का उल्लंघन है’ में कमेटी सदस्यों में अध्यक्ष पद पर चंद्रा दास, उपाध्यक्ष पद पर अजका खान तथा मूल निदेशक के रूप में अंशुल कंचन उपस्थित रहे। इस समिति में लगभग 75 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मानवाधिकार शिक्षा का प्रसार करना, प्रकाशनों, मीडिया, सेमिनार तथा अन्य उपलब्ध साधनों से उन्हें सुरक्षित रखने पर भी परिचर्चा की।
वहीं, राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक विषय पर बेटी बचाव, बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय ग्रामीण, पेयजल कार्यक्रम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी योजना, डिजिटल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल उपाध्याय, ग्राम ज्योति योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सहित अन्य पर चर्चा हुई। साथ ही महिलाओं की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक स्कूलों ने प्रतिभाग किया।
कांफ्रेंस का शुभारंभ एडवाइजर कंपनी के सीईओ एवं संस्थापक विजय शुक्ला, विद्यालय निदेशक गौरव मिश्रा, चेयरमैन नीरज खत्री, संस्थापक एवं अध्यक्ष चेयरपर्सन अनु मिश्रा, प्रधानाचार्या एस रिजवी, वरिष्ठ सलाहकार वीना साहनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। एमयूएन कमेटी के सदस्य आगोश सक्सेना, डिप्टी सेक्रेटरी विकास सहगल, मूल निदेशक आयुष अग्रवाल उपस्थित रहे।