भावपूर्ण भक्ति से प्रसन्न होते हैं भगवान
झांसी। भगवान को जिस भाव से देखोगे, वो वैसे ही नजर आएंगे। भावपूर्ण भक्ति करने वाले भक्तों पर वे हमेशा कृपा करते हैं। ये उद्गार महाकालेश्वर मंदिर में चल रहे शिव विष्णु महायज्ञ में कथा व्यास दीनबंधु दास महाराज ने भगवान शिव के विवाह के प्रसंग का वर्णन करते हुए प्रकट किए।
कथा व्यास ने कहा कि सती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर शिवजी ने उनसे विवाह किया था। शिवजी की बारात में भूत, प्रेत सभी बाराती थे। जो नगरवासी शिव को जिस भाव से देख रहे थे, वे उन्हें उसी रूप में नजर आते थे। इससे पूर्व धनंजय दास महाराज की अगुवाई में श्रद्धालुओं ने शिव विष्णु महायज्ञ में आहुतियां दीं। जबकि, शुुरुआत में विधायक रवि शर्मा ने पूजन - अर्चन किया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान संध्या राजेश पुरोहित, रश्मि अनूप गर्ग, लक्ष्मी अजीत राय, अर्चना संजीव दुबे, प्रकाश नौगरैया, देवेंद्र नगरिया, मोहन अग्रवाल, सिद्ध गोपाल कुदरया, आकाश निगम, देवेंद्र दुबे आदि उपस्थित रहे। संचालन अशोक जैन ने किया। आभार अजीत राय ने जताया।