झांसी। सैनिक स्कूल में जुलाई से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया जारी है। अखिल भारतीय स्तर की प्रवेश प्रक्रिया के जरिये 263 छात्रों का चयन किया गया है। चिकित्सकीय जांच के बाद इनमें से 90 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि चार साल पहले सैनिक स्कूल की आधारशिला रखी गई थी।
प्रदेश में अभी लखनऊ में सैनिक स्कूल है। अब दो और सैनिक स्कूल खोले गए हैं। इनमें एक मैनपुरी और दूसरा झांसी में है। झांसी के सैनिक स्कूल की आधारशिला 19 मई 2015 को झांसी आए प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी। इसके लिए दिगारा में (दिगारा - भगवंतपुरा बाईपास के पास) पचास एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी। यहां सैनिक स्कूल का भवन बनकर तैयार हो गया है। देश भर के सभी सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए आयोजित की गई अखिल भारतीय स्तर की प्रवेश परीक्षा में झांसी के स्कूल के लिए सीटें आरक्षित रखीं गईं थीं। स्कूल में कक्षा छह से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी। पहले सत्र में कक्षा छह में 90 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। जबकि, अभी चयन 263 का किया गया है। चयनित इन सभी छात्रों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद मेरिट तैयार की जाएगी। मेरिट के आधार पर 90 छात्रों को कक्षा छह में प्रवेश दिया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय की सोसाइटी करेगी संचालन
लखनऊ में संचालित सैनिक स्कूल का संचालन प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है। जबकि, झांसी में शुरू होने वाला स्कूल प्रदेश का पहला ऐसा स्कूल होगा, जिसका संचालन रक्षा राज्य मंत्री की अध्यक्षता में बनीं सैनिक स्कूल सोसाइटी करेगी। इससे झांसी के सैनिक स्कूल में तीनों सेनाओं के अफसर आएंगे, जबकि लखनऊ के सैनिक स्कूल में केवल आर्मी के ही अफसर आते हैं। इसके अलावा रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित होने की वजह से यहां पढ़ने वाले बच्चों को स्कॉलरशिप का भी लाभ होगा। साथ ही यहां तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की भांति सुविधाएं मिलेंगी।
तराशे जाएंगे सेना के अफसर
सैनिक स्कूल में छह से बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित की जाएंगी। पाठ्यक्रम सीबीएसई होगा। स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी उन गतिविधियों में भी सहभागिता सुनिश्चित कराई जाएगी, जिससे वे भविष्य में सेना में अफसर बन सकें। फीस सालाना एक लाख से अधिक होगी लेकिन, छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। जरूरतमंद बच्चों को सरकारी नियमानुसार रियायत मिलेगी।
जुलाई से स्कूल में पढ़ाई प्रारंभ हो जाएगी। इसकी तैयारियां पूरी हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद मेरिट तैयार होगी, जिसके आधार पर बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। अभी केवल बालकों का ही प्रवेश होगा। उन्हें हॉस्टल में ही रहकर पढ़ाई करनी होगी।
- एस अख्तर, स्क्वाएडन लीडर /प्रधानाचार्य - सैनिक स्कूल