मोंठ। लखनऊ में मंगलवार को हुई नियम समिति की बैठक में बुंदेलखंड से गरौठा विधायक जवाहर राजपूत ने हिस्सा लिया। बैठक में विधानसभा की कार्यवाही में बुंदेली भाषा को शामिल करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। अब बुधवार को विधानसभा में ये प्रस्ताव आएगा। प्रस्ताव पास होते ही सदन में बुंदेली गूंजेगी।
2022 में दूसरी बार विधायक बनने के बाद बुंदेली में शपथ लेने के बाद से ही गरौठा विधायक जवाहर राजपूत बुंदेली को अन्य भाषाओं की तरह ही मातृभाषा की सूची में शामिल करने की मांग कर रहे थे। मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में नियम समिति की बैठक हुई। इसमें बुंदेलखंड से गरौठा विधायक शामिल हुए। बैठक में बुंदेली बोली को सदन की कार्यवाही में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव पर सभी सदस्यों की मंजूरी मिल गई। निर्णय हुआ कि संविधान के उपबंधों के अधीन सभा का कार्य हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि में होने के साथ अब सदस्य अवधी, ब्रज, भोजपुरी, बुंदेली में भी अपना संबोधन कर सकते हैं। नियम समिति के बाद अब बुधवार को विधानसभा में इस प्रस्ताव को पारित किया जाएगा। विधायक जवाहर राजपूत ने कहा कि बुंदेलखंड के लिए यह गौरव का पल है। इससे बुंदेली को उभार मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय भाषाओं को उभारने और उचित सम्मान देने के लिए बड़ी पहल की है।