फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाटे से उबरने के लिए रोडवेज 77 बसों का नहीं कराएगा नवीनीकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना काल के घाटे से उबरने के लिए रोडवेज ने खड़ी कर दीं 50 बसें
विज्ञापन

झांसी। कोरोना काल में हुए घाटे से उबरने के लिए परिवहन निगम ने 50 बसों को खड़ा कर दिया है। हालात सामान्य होने के बाद भी रोडवेज अब इन बसों के परमिट का नवीनीकरण नहीं करा रहा है। सवारियां न मिलने से भी लगातार बसें खाली चल रही हैं।
झांसी मंडल में रोडवेज की कुल 242 बसें और पांच अनुबंधित बसें हैं। कोरोना संक्रमण ने परिवहन विभाग को काफी नुकसान पहुंचाया। स्थिति में सुधार होने के बाद भी परिवहन विभाग के राजस्व में सुधार नहीं आ रहा है। बसों के परिचालन के संबंध में विभागीय निर्देश हैं कि 50 प्रतिशत से कम सवारियां होने पर बसों का संचालन नहीं किया जाए। वर्तमान में 140 बसों के परिचालन के बावजूद 50 प्रतिशत सवारियों का लक्ष्य पूरा करना भी विभाग के लिए कठिन हो गया है। ऐसे में जिन बसों के परमिट सरेंडर कर दिए गए थे, उन्हें झांसी मंडल नवीनीकरण कराने में रुचि नहीं दिखा रहा है। सवारियों की संख्या बढ़ाने के लिए पहले से ही चल रही बसों को संचालित कर रहा है। अगर कुछ दिनों में सुधार दिखेगा और सवारियों के साथ- साथ राजस्व का लक्ष्य पूरा होने लगेगा तो एक बार फिर नवीनीकरण पर अधिकारी विचार करेंगे। कोरोना काल के बाद 50 प्रतिशत सवारियों के साथ परिचालन के लिए जारी आदेश पर शुरू में डीजल तक के पैसे निकालना मुश्किल हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन-
कोरोना काल में रोडवेज ने 50 बसों के परमिट सरेंडर कर दिए थे। संक्रमण में सुधार के बाद बसों के परिचालन में राजस्व नहीं मिलने से घाटे की स्थिति बनी हुई है। सरेंडर किए गए परमिटों के नवीनीकरण अभी नहीं कराए जा रहे हैं। अरविंद गुप्ता, टाइम कीपर, झांसी मंडल डिपो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें