अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। राइज इंक्यूबेशन सेंटर को सरकार से मान्यता मिल गई है। अब हर साल इंक्यूबेशन सेंटर को सरकार से 30 लाख रुपये मिलेंगे। मानकों का पालन करने पर स्टार्टअप्स को हर महीने भत्ते से लेकर आर्थिक सहायता भी मिलेगी। राइज इंक्यूबेशन सेंटर की ओर से स्टार्ट इन यूपी घोषणा समारोह में स्मार्ट सिटी के सीईओ सत्य प्रकाश ने यह जानकारी दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने कहा कि सरकार ने इंक्यूबेशन सेंटर की आर्थिक मदद कर स्वावलंबन का तरीका सुझाया है। बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक उत्थान, प्रदेश सरकार के एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भी ये सेंटर मजबूत प्लेटफॉर्म है। उन्होंने स्टार्टअप्स के उत्पादों की बिक्री के लिए यहीं पर काउंटर भी खोलने का सुझाव दिया। साथ ही स्टार्टअप्स से अपनी वेबसाइट पर स्वावलंबी महिलाओं के उत्पादों को भी जगह देने के लिए कहा।
सीईओ सत्य प्रकाश ने कहा कि राइज इंक्यूबेशन सेंटर के स्टार्टअप्स को वित्तीय और गैर वित्तीय सहायता देने के लिए और अधिक सशक्त बनाया गया है। अब राइज में इंक्यूबेटेड पात्र स्टार्टअप्स लाभ प्राप्त कर सकते हैं। एक साल तक प्रतिमाह मानकों पर खरे उतरने वाले स्टार्टअप्स को 17,500 रुपये भत्ता मिलेगा। इसके बाद डिजाइन, सॉफ्टवेयर आदि विकसित करने के लिए चयनित स्टार्टअप्स को पांच लाख और फिर मार्केटिंग और स्केलअप सहायता के लिए 7.5 लाख रुपये तक भी मिल सकते हैं।
सीईओ ने बताया कि यहां 9 महीने के प्रशिक्षण सत्र के दौरान मार्केटिंग, कानूनी जरूरतों आदि को पूरा करने में मदद की जाती है। दो साल में 45 स्टार्टअप को वित्तीय मदद मिल चुकी है। निदेशक अमित सिंह ने कहा कि अब इंक्यूबेशन सेंटर अपने पैरों पर खड़ा हो गया है। इस दौरान पीएमसी के नोडल अधिकारी केबी सिंह, अंकित रजक भी मौजूद रहे।
दो की वेबसाइट लॉन्च, एक स्टार्टअप का सम्मान : कार्यक्रम के दौरान प्रतिभा डोंगरे के रचनात्मक आर्ट और सचिन के गुन्नो मीडिया स्टार्टअप की वेबसाइट भी लॉन्च की गई। वहीं, कर्निका ऑर्गेनिक को स्टार्टअप ऑफ द मंथ का सम्मान दिया गया।