अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। स्टेट मेडिकल फैकल्टी से मान्यता मिलने से नौ माह पहले बीयू ने बी.एमएलटी (बैचलर ऑफ मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजी) कोर्स शुरू करा दिया। जब डिग्री की मान्यता पर सवाल खड़े हुए तो छात्रों में खलबली मच गई। वे विभाग में पहुंचकर बिफर गए। समन्वयक किसी तरह से शांत कराकर कुलसचिव के पास पहुंचे। राहत का भरोसा मिलने पर लौट गए।
छात्रों ने बताया कि बीयू ने शिक्षा सत्र 2021-22 में बैचलर ऑफ मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नोलॉजी में 40 सीटों पर दाखिला लिया था। शिक्षा सत्र 2023-24 में उनकी पढ़ाई पूरी हो गई। कोई पीजीआई लखनऊ व राम मनोहर लोहिया अस्पताल में छह माह की ट्रेनिंग करने चला गया तो कोई एम्स भोपाल। जब उन्होंने स्टेट मेडिकल फैकल्टी से संपर्क किया तो पता चला कि यह डिग्री मान्य नहीं है, क्योंकि समय से पहले बीयू ने कोर्स शुरू किया। छात्रों ने कुलसचिव को पूरे मामले से अवगत कराया। वहीं, समन्वयक प्रो. लवकुश द्विवेदी ने बताया कि छात्रों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है।