झांसी। जिले में आलीशान कोठियों और कारों के मालिक सरकारी राशन ले रहे हैं। हाल ही में पूर्ति विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में ढाई हजार अपात्र कार्डधारक सामने आए हैं। विभाग ने अपात्रों के नाम तो पात्रता सूची से काट दिए हैं। अब इनसे राशन की वसूली करने की तैयारी की जा रही है।
जिले में कुल 383883 राशन कार्ड धारक हैं। राशन कार्डधारकों की पात्रता के सत्यापन के लिए पिछले दिनों डीएम के निर्र्देश पर पूरे जिले में अभियान चलाया गया। इस दौरान विभाग की टीमों ने पाया कि आलीशान घरों और कारों के मालिक राशन ले रहे हैं। तमाम कार्डधारक ऐसे पाए गए, जिनकी आर्थिक हाल सुधर गई, लेकिन उन्होंने राशन लेना बंद नहीं किया। वहीं सत्यापन के दौरान बड़े कारोबारी और कई सरकारी नौकर तक सामने आए हैं। वहीं तमाम कार्डधारक ऐसे मिले, जो जिले में रहते ही नहीं हैं। ऐसे करीब ढाई हजार अपात्रों का नाम सूची से काटा गया है। साथ ही इनसे राशन की वसूली की जाएगी। डीएसओ तीर्थराज यादव के मुताबिक सत्यापन में सामने आ रहे अपात्रों के कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद राशन की रिकवरी को लेकर शासन के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
बेच देते हैं राशन
राशन कार्ड के सत्यापन के दौरान सामने आया कि अधिकांश अपात्र राशन को बाजार में बेच देते हैं। ऐसे में गरीबों का राशन उन तक नहीं पहुंच पा रहा है। पहले भी जिले में मुफ्त में बांटे गए चावल को बेचे जाने का मामला सामने आया था।