झांसी। कोविड अस्पतालों में महीनों स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले कर्मचारियों को अब बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इससे नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सेवाएं नियमित करने व बकाया वेतन का भुगतान किए जाने की मांग की।
इस दौरान कर्मचारियों ने बताया कि एनएचएम के तहत एक सेवा प्रदाता एजेंसी के जरिये उनकी तैनाती मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स, ओटी टेकभनीशियन, लैब टेकभनीशियन, डाटा ऑपरेटर, वार्ड ब्वाय समेत अन्य पदों पर की गई थी। वे अपनी और अपने परिवार की चिंता किए बगैर लगातार कोरोना संक्रमितों के इलाज में जुटे रहे। लेकिन, अब बगैर किसी सूचना के पांच फरवरी को सेवाएं समाप्त कर दी गईं, जिससे वे बेरोजगार हो गए। इसके अलावा पिछले छह माह के वेतन का भी भुगतान नहीं किया गया, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने सेवाएं नियमित रखने व बकाये वेतन का भुगतान किए जाने की मांग की। इस मौके पर राघवेंद्र पाल, पंकज कुमार, रीता वर्मा, पूनम सक्सेना, सरोज विश्वकर्मा, मोहनदास, मनीष कुमार, जितेंद्र कुमार, शमशाद अली आदि मौजूद रहे।