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खुलासा: भाभी संग अवैध संबंधों में बाधक बनने पर चचेरे भाई ने की थी लोकेंद्र की हत्या

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झांसी। टोड़ी फतेहपुर के बिजौरा गांव में लोकेंद्र पटेल की हत्या उसके ही चचेरे भाई ने की थी। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि चचेरे भाई के लोकेेंद्र की पत्नी से अवैध संबंध थे। इसमें लोकेेंद्र बाधा बन रहा था। इस वजह से दोनों ने साजिश रचकर हत्या कर दी। लोकेंद्र के परिजन गांव के दूसरे लोगों को फंसाने की कोशिश में थे लेकिन, सीडीआर एवं अन्य सुबूतों की मदद से साजिश का पर्दाफाश हो गया। हत्या में इस्तेमाल हुई कुल्हाड़ी लोकेंद्र के घर से बरामद हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम को पच्चीस हजार इनाम दिया है।
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एसएसपी शिवहरि मीना के मुताबिक लोकेंद्र पटेल के चचेरे भाई आदर्श पटेल (20) पुत्र रामहेत निवासी बिजौरा का लोकेंद्र की पत्नी रामकुमारी के साथ पिछले छह माह से अवैध संबंध थे। आदर्श गांव में रहकर खेती-बाड़ी करता था। भाभी से मिलने के बहाने आदर्श लोकेंद्र के घर आता जाता था। मोबाइल पर भी दोनों घंटों बात करते थे। 21 अगस्त को आदर्श एवं रामकुमारी को आपत्तिजनक स्थिति में लोकेंद्र ने देख लिया था। आदर्श को फटकारकर घर से भगा दिया। पत्नी रामकुमारी से भी काफी झगड़ा हुआ। गुस्से में लोकेंद्र ने रामकुमारी का मोबाइल भी तोड़कर फेंक दिया।
इसके बाद दोनों ने मिलकर लोकेंद्र को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस का कहना है साजिश के तहत 30 सितंबर को रामकुमारी लोकेंद्र को खेत पर ले गई। वहां पहले से आदर्श कुल्हाड़ी के साथ छिपकर बैठा था। खेत पर पहुंचते ही उसने लोकेंद्र के सिर पर कुल्हाड़ी से तबाड़तोड़ कई वार करके मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद आदर्श मौके से फरार हो गया।
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रामकुमारी ने झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को तीन युवकों के बारे में बताया। काफी दिनों तक पुलिस इसी थ्योरी में चकरघिन्नी बनी रही। खुलासे का दबाव बढ़ने पर एसओजी टीम लगाई गई। पड़ताल के दौरान एसओजी टीम को देवर-भाभी के रिश्ते की भनक लगी। उसने दोनों के मोबाइल नंबर की सीडीआर निकलवाई। दोनों के बीच घंटों बातचीत की बात मालूम चली। इसके बाद पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में दोनोें टूट गए और हत्या की बात कुबूल कर ली। एसएसपी ने खुलासा करने वाली टीम में शामिल एसओजी प्रभारी सुरेंद्र सिंह, प्रभारी निरीक्षक पप्पू सिंह भारतीय, सर्विलांस प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर, थानाध्यक्ष अमरनाथ सिंह समेत पूरी टीम को पच्चीस हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की बात कही।
छह माह के भीतर देवर-भाभी की मोबाइल पर हुई 11,374 बार बात
लोकेंद्र की हत्या से छह महीने पहले देवर-भाभी के बीच मोबाइल पर कुल 11,374 बार बात हुई। सर्विलांस टीम की मदद से एसओजी ने दोनों के मोबाइल फोन की सीडीआर निकलवाई। दोनों के बीच हुई बातचीत का रिकार्ड देख पुलिस भी हैरान रह गई। दोनों के बीच इस दौरान कुल 11,374 बार बात हुई है। इसमें से 4321 मिनट (72 घंटे) दिन में जबकि 7698 मिनट (128 घंटे) रात में बात की गई। रामकुमारी को मोबाइल फोन और सिम भी आदर्श ने ही खरीदकर दिया था।
पत्नी ने घर में छिपा रखा था आलाकत्ल
पति लोकेंद्र की हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी को पत्नी रामकुमारी ने अपने घर में छिपाकर रखा था। हत्यारोपी आदर्श की निशानदेही पर पुलिस ने आलाकत्ल को घर के अंदर से बरामद किया। कुल्हाड़ी के साथ ही पुलिस ने खून से सना आदर्श का कुर्ता भी बरामद किया है।
30 सितंबर को हत्या के बाद पत्नी ने गढ़ी थी झूठी कहानी
30 सितंबर 2021 को बिजौरा गांव में लोकेंद्र पटेल की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। उस समय उसकी पत्नी रामकुमारी भी साथ थी। उसने झूठी कहानी गढ़ते हुए पुलिस को बयान दिया कि वह अपने पति के साथ शाम को मटर के खेत से वापस आ रही थी। वह करीब डेढ़ खेत आगे चली गई तभी पीछे खड़े कुछ युवकों ने लोकेंद्र को तंबाकू खाने के लिए रोका। उनमें से एक ने लोकेंद्र का हाथ पकड़ा जबकि दूसरे ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार किया। लोकेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हत्यारे मौके से फरार हो गए। पति की हत्या देखकर वह बेहोश हो गई। एसओजी प्रभारी सुरेंद्र सिंह के मुताबिक काफी दिनों तक रामकुमारी पुलिस को गुमराह करती रही। पुलिस के पूछताछ करने पर वह बेहोश होने का नाटक करती थी। सीडीआर सामने आने के बाद महिला कॉस्टेबिल की मदद से पूछताछ की गई। आदर्श एवं उसको आमने-सामने कराने के बाद मामला खुल गया।
थाने पर प्रदर्शन के साथ परिजन कर चुके थे आत्मदाह की कोशिश
लोकेंद्र हत्याकांड के बाद उसके परिजन गांव के ही कुछ लोगों पर आरोप लगा रहे थे। हत्याकांड का जल्द खुलासा करने के लिए पिता, मां एवं पत्नी रामकुमारी भी थाने पर प्रदर्शन करने पहुंच जाती थीं। पुलिस का कहना है परिवार के लोग दबाव बनाकर गांव के दूसरे लोगों को इस मामले में जेल भिजवाने का दबाव बना रहे थे। संवेदनशील मामला होने की वजह से खुलासे में इतना समय लगा।
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