झांसी। पिछले दिनों हुई भारी बारिश की वजह से सिंध और चंबल नदी उफना गईं थीं। इससे इन नदियों से सटे मध्य प्रदेश के 493 गांव बुरी तरह से प्रभावित हो गए थे, जिनमें राहत और बचाव कार्य बृहस्पतिवार को भी लगातार जारी रहा। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश की वजह से मध्य प्रदेश की चंबल और सिंध नदी उफना गईं थीं। इससे शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, भिंड और ग्वालियर के 493 गांव बुरी तरह से प्रभावित हो गए थे। इन गांवों की 55 हजार से ज्यादा की आबादी प्रभावित हो गई थी। मंगलवार से इन गांवों में राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया था, जो तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। वहीं, राहत और बचाव कार्य के लिए मध्य प्रदेश प्रशासन ने सेना से भी मदद मांगी थी। इस पर बुधवार को झांसी और बबीना छावनी से व्हाइट टाइगर डिवीजन मोबलाइज्ड फ्लड रिलीफ टीम के दो सौ से अधिक जवान मध्य प्रदेश के अलग-अलग बाढ़ग्रस्त इलाकों में भेजे गए थे। सेना की टीम ने वहां बाढ़ में फंसे 177 लोगों की जान बचाई।