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सरकार कह रही रेमडेसिविर की कमी नहीं, झांसी में तो 10 हजार में भी नहीं मिल रहा

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renidicivir nahi mil raha
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झांसी। स्वास्थ्य मंत्री कहकर गए थे कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी नहीं होने देंगे मगर तीन दिन से महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को एक भी रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल सका है। जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन का जबरदस्त टोटा है और जिन इक्का-दुक्का मेडिकल स्टोरों को इंजेक्शन मिल जा रहा है, वो सोने के दाम पर बेचने लगे हैं। हाल ये है कि अब तो झांसी में तो दस हजार रुपये में भी इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह शनिवार को झांसी दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की। पत्रकार वार्ता में जब मंत्री से सवाल पूछा गया कि झांसी में रेमडेसिविर इंजेक्शन की काफी कमी है तो उन्होंने कहा कि अब प्रदेश भर में रेमडेसिविर इंजेक्शन से लेकर कोरोना वैक्सीन तक की कोई कमी नहीं होगी। इंजेक्शन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन की उपलब्धता हो जाएगी। मगर मंत्री के जाने के तीन दिन बाद भी इंजेक्शन की उपलब्धता मेडिकल कॉलेज में नहीं हो पाई है। उल्टा तीन दिनों में तो एक भी इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज को नहीं मिले हैं। जबकि, लगातार बढ़ते मामलों के चलते कोरोना के गंभीर मरीजों को रोजाना 50-60 इंजेक्शन की जरूरत है। कॉलेज प्रशासन की तरफ से लगातार लखनऊ स्तर पर बात की जा रही है। ऐसे में मंत्री की तरफ से किया गया दावा अब तक हवाई साबित हुआ है। वहीं, कुछ मेडिकल स्टोरों को यह इंजेक्शन मिल जा रहा है तो उसके लिए बाकायदा बोली लग रही है।
नर्सिंगहोमों की सेटिंग, बिना बिल के दे रहे
कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे कुछ नर्सिंगहोमों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन को कमाई का जरिया बना रखा है। निजी अस्पतालों ने इसके लिए कर्मचारी लगाए हुए हैं। वो कर्मचारी लगातार कोरोना मरीजों के परिजनों के मन में भय कायम करने का काम करता है। सूत्रों ने बताया कि वो रात में रेट तय करता है कि कितने का इंजेक्शन मिलेगा और कहां मिलेगा।
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ये हैं मामले
केस-1
23 हजार में खरीदा इंजेक्शन
गणेश मढ़िया के रहने वाले एक मरीज की हालत खराब होने पर डॉक्टरों ने तीमारदारों से तुरंत रेमडेसिविर इंजेक्शन की व्यवस्था करने के लिए कहा। बताया गया कि इंजेक्शन की जबरदस्त किल्लत होने की वजह से परिजनों ने 23 हजार रुपये में एक इंजेक्शन खरीदा और डॉक्टर को लाकर दिया।
केस-2
32 हजार का मिलेगा तो भी खरीदेंगे?
मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोविड मरीज के परिजन मंगलवार को इंजेक्शन के लिए भटकते रहे। उन्होंने बताया कि आठ हजार रुपये का एक इंजेक्शन सोमवार को खरीदा था। अब नहीं मिल रहा है। आठ क्या, 16 या 32 हजार रुपये में भी मिल जाए तो भी खरीद लेंगे। जिंदगी तो बचानी है।
केस-2
टैक्सी भेज ग्वालियर से मंगवाया 10 हजार का इंजेक्शन
मेडिकल कॉलेज में कोविड आईसीयू में वेंटिलेटर पर भर्ती महारौनी की महिला के परिजनों को जब रेमडेसिविर इंजेक्शन झांसी में नहीं मिला तो परिजन टैक्सी करके ग्वालियर गए। वहां से दस हजार रुपये में इंजेक्शन खरीदकर लाए। अब फिर से इंजेक्शन की जरूरत है और परिजन भटक रहे हैं।
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