अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 48 घंटे ठप रहने के बाद जल निगम के पंप हाउस का संचालन शनिवार से फिर आरंभ कर दिया गया। रविवार से जलापूर्ति व्यवस्था बहाल हो सकेगी। पंप हाउस ठप होने से करीब 8,200 घरों में जलापूर्ति ठप पड़ गई थी। अब इनको राहत मिल सकेगी हालांकि पंप हाउस की सुरक्षा को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जल निगम के दोनों डिवीजन के अफसर पंप हाउस की सुरक्षा लेने को राजी नहीं हैं।
महानगर पेयजल योजना के लिए माताटीला बांध से पानी लिया जा रहा है। जल निगम ने इंटेक वेल के पंप यहां लगाए हैं। कार्यदायी फर्म इस पंप हाउस का संचालन करती है। कुछ दिन पहले ललितपुर के समीपवर्ती पिछोर मप्र के स्थानीय लोगों ने पीटकर यहां से कर्मचारियों को भगा दिया। नाराज कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार से पूरा काम बंद कर रखा है। शनिवार को इस वजह से महानगर की कई पानी की टंकियां नहीं भर सकीं। सीपरी बाजार, भगवंतपुरा, सीपरी बाजार के कई मोहल्ले, मसीहागंज, बिजौली समेत तमाम इलाके में पानी नहीं पहुंचा।
पंप संचालन ठप होने से आला अफसरों ने शनिवार सुबह ही जल निगम अभियंताओं को लताड़ लगाई। इसके बाद जल निगम अभियंता हरकत में आए। दोपहर इलेक्टि्रक एवं मैकेनिकल शाखा के एक्सईएन अमित सहरावत ने पिछोर पहुंचकर स्थानीय विधायक समेत अन्य से बात करके उनको समझा-बुझाया। एक्सईएन ने बताया सारे विवाद सुलझा लिए गए। पंप संचालन में किसी तरह बाधा न पैदा करने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद शनिवार शाम को पंप चलाए गए। वहीं, नोडल एक्सईएन मुकेश पाल का कहना है देर-रात बबीना स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंच गया हालांकि दोनों ही अभियंताओं ने पंप हाउस की सुरक्षा की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। नोडल अभियंता मुकेश पाल का कहना है पंप हाउस की जिम्मेदारी मैकेनिकल शाखा के पास है, जबकि एक्सईएन अमित का कहना है कि नोडल होने के नाते सुरक्षा कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी एजेंसी एक्सईएन मुकेश पाल की है।
इनसेट
यूपी की पेयजल योजना पर भारी एमपी का एक विधायक
पंप हाउस की सुरक्षा लेने को कोई राजी नहीं
झांसी। यूपी की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना पर मध्य प्रदेश (पिछोर) का एक भाजपा विधायक भारी पड़ रहा है। विधायक की मनमानी के चलते पिछले 48 घंटे से पंप हाउस का संचालन ठप रहा। इस पेयजल योजना के लिए माताटीला बांध (ललितपुर) में इंटेक वेल स्थापित किया गया। सिर्फ दो गांव की सीमा पिछोर से लगती है। इसके बावजूद पिछोर के भाजपा विधायक पूरे प्रोजेक्ट को अपने इशारों पर चला रहे हैं। उनकी मनमानी पूरे प्रोजेक्ट पर भारी पड़ रही है। जल निगम सूत्रों का कहना है पंप संचालन भाजपा विधायक अपने समर्थकों से कराना चाहते हैं। इस वजह से यहां काम करने वाले कर्मचारियों को पीटकर भगा दिया। इनकी सुरक्षा की गारंटी यूपी का भी कोई अफसर नहीं दे पा रहा वहीं, जल निगम अभियंताओं ने यूपी पुलिस से शिकायत करने के बजाए विधायक की शरण लेना बेहतर समझा। विधायक के भरोसा दिलाने पर जल निगम अभियंता लौट आए। उनकी ओर से अभी तक पुलिस को कोई तहरीर भी नहीं दी गई।