आखिरकार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के लापरवाह अभियंताओं को सजा मिल गई। बीयू प्रशासन ने उनका एक इंक्रीमेंट रोक दिया है। अभियंता लगातार अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना कर काम में कोताही बरत रहे थे। अमर उजाला भी लगातार खबरें प्रकाशित कर अभियंताओं की बिगड़ी चाल की पोल खोल रहा था।
गौरतलब है कि बीयू के विकास की राह में अभियंता विभाग लगातार रोड़ा बना रहा है। कई प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। विश्वविद्यालय में पानी की किल्लत तो मानों आए दिन की बात हो गई है। पानी को लेकर विद्यार्थियों, कर्मचारियों में हाहाकार मचा रहता है। विभिन्न विभागों के बाथरूम से नल व टोटियां गायब हैं। कई जगहों पर पाइप लाइन चोक है। इन सबके बावजूद अभियंता विभाग द्वारा इनमें सुधार नहीं किया जा रहा था। जबकि, बीयू प्रशासन लगातार उनसे जवाब-तलब कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश जारी कर रहा था। इन्हीं सबके मद्देनजर अब उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। कुलसचिव अखिलेश चंद्र ने बताया कि अभियंता अंबरीश गौतम व रतन सिंह का एक-एक इंक्रीमेंट रोक दिया गया है। यदि आगे भी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सालों रहा निलंबित, अब भी नहीं सुधार
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का एक अभियंता सालों तक निलंबित रह चुका है लेकिन अब भी उसकी कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ है। कोई भी जानकारी मांगने पर वह तुरंत नियम कानूनों का हवाला देने लगता है लेकिन खुद नियमों से नहीं चलता। अब बीयू अधिकारियों की नजर में भी वह चढ़ गया है।