मानिक चौक निवासी सचिन बट्टा खाना बनाते हुए।
झांसी। कोरोना संक्रमण को लेकर लगाए गए लॉकडाउन को एक महीना हो चुका है। इस दौरान घर में रहकर तमाम लोग हुनरमंद बन गए हैं। लॉकडाउन से पहले जिनकी जिंदगी अपने काम तक सिमटी थी, वे अब रसोई में हाथ आजमा रहे हैं। आलम यह है कि जो पहले चाय बनाना तक नहीं जानते थे, वे अब पकवान बना रहे हैं। कोई सब्जी काटने में माहिर हो गया है, तो कोई घर पर बाल काटने में हुनरमंद हो गया है। लॉकडाउन के दौरान तमाम लोग घर में पत्नियों की तमाम कामों में मदद कर रहे हैं। इसे लेकर घर का माहौल भी खुशनुमा हो गया है। पापा को खाना बनाते देख बच्चे भी खूब खुश हैं और मदद कर रहे हैं।
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रोज बना रहे नए-नए पकवान
सीपरी बाजार निवासी व्यापारी कमलजीत सिंह भामरा लॉकडाउन में घर में रसोई का जिम्मा संभाले हुए हैं। पत्नी का स्वास्थ्य खराब होने के चलते वे ही रोज खाना बना रहे हैं। बेटा एयर इंडिया में शेफ है, तो रोज बेटे से रेसीपी पूछकर नए-नए पकवान बनाते हैं। रसोई के कामों में बेटी भी मदद करती है। वे बताते हैं कि घर में रहकर लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं। इस दौरान रसोई में खाना बनाना सीख लिया है।
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पहले चाय न बनाई, अब बना रहे सब्जी
स्वामीपुरम कॉलोनी निवासी अधिवक्ता विवेक दत्त स्वामी का लॉकडाउन से पहले पूरा वक्त कोर्ट और कचहरी में बीतता था। लॉकडाउन के दौरान वे तमाम व्यंजन बनाना सीख गए हैं। पत्नी पूनम स्वामी के साथ वे रसोई में खूब मदद करते हैं। लंच के लिए सब्जी वही बनाते हैं। वे बताते हैं कि पहले कभी चाय नहीं बनाई, लेकिन लॉकडाउन में रसोई के खाना बना रहा हूं। समय बिताने के साथ मनोरंजन भी हो जाता है।
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मसालों से हो गई दोस्ती
मानिक चौक के रहने वाले सचिन बट्टा भी रसोई में काम करना सीख गए हैं। रसोई में वह खाना बनाते हैं। किस सब्जी और किस व्यंजन में कैसे मसाले डालने हैं, ऐसे सीखे हैं कि परिवार के लोग उनके हाथ का खाना खाकर वाह कह उठते हैं। व्यापारी सचिन बताते हैं कि पहले कभी रसोई में काम नहीं किया। लेकिन अब खूब मजा आ रहा है। मसालों से दोस्ती हो गई है।
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यह भी बन गए उस्ताद
रितु बिहार कॉलोनी निवासी लिपिक पवन दुबे भी पत्नी रेनू की रसोई मेें खूब मदद करते हैं। वे दोपहर के खाने के लिए सब्जी बनाते हैं। वहीं वीरांगना नगर निवासी शिक्षक संतोष गुप्ता अपनी शिक्षिका पत्नी रीना की भी रसोई और घर के काम में मदद कर रहे हैं। सब्जी काटने और अन्य व्यंजन बनाने में उस्ताद हो गए हैं।