फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बच्चों ने रखा पहला रोजा, कोरोना के खात्मे के लिए उठे हाथ

विज्ञापन
ramadan - फोटो : demo
विज्ञापन
रमजान माह का पहला रोजा बड़ों के साथ-साथ मासूम बच्चों ने भी रखा। बच्चों की जिंदगी का भी यह पहला रोजा है। तपती धूप की परवाह किए बिना नन्हे मुन्ने बच्चों ने रोजा रखा। अल्लाह और उसके रसूल की रजा हासिल करने के लिए भूख और प्यास की शिद्दत बर्दाश्त कर बच्चों ने कोरोना के खात्मे के लिए भी दुआएं मांगी। शुक्रवार को चांद दिखने के बाद मुकद्दस महीने की शुरूआत हुई। पहले दिन ही भीषण गर्मी ने रोजेदारों का इम्तिहान लिया। कई बच्चों ने पहली बार रोजा रखा। परिवार के बड़े लोगों ने भी हौसला अफजाई की। शाम को इफ्तार के वक्त बच्चों के चेहरे पर खुशी की झलक रही। बच्चों ने रोजा खोलकर कोरोना के खात्मे के लिए अल्लाह से दुआएं कीं। इसके अलावा शहर में ऐसे अनेक बच्चे हैं, जिन्होंने जिंदगी का पहला रोजा रखा और दिनभर इबादत भी की। घर में ही बच्चे नमाज पढ़ने के साथ ही कुरआन की तिलावत भी करते रहे। कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते लोगों ने घरों पर ही पांच वक्त की नमाज अदा की। साथ ही रोजेदारों ने अपने-अपने परिवारों के साथ ही इफ्तार किया। मैंने पहली बार रोजा रखा है। पिछले कई महीने से रमजानुल मुबारक के महीने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। रोजा रखने के साथ-साथ अपने परिवार के साथ कोरोना के खात्मे के लिए दुआ की। मोहम्मद आसिम, दतिया गेट बाहर खुदा की खुशनूदी हासिल करने के लिए भूख और प्यास को बर्दाश्त किया। रोजा रखने पर मेरे पूरे घर में खुशी का माहौल है। मैंने भी कोरोना के खात्मे के लिए अल्लाह से दुआ की है। फुजैल अरशद, दतिया गेट बाहर मेेरे रोजा रखने पर मां ने मेरे खाने के लिए कई पकवान बनाए हैं। मुझे पहला रोजा रखकर बहुत अच्छा लगा। आगे भी रोजा रखूंगा और अल्लाह से देश के अमन चैन के लिए दुआ करुंगा। अयान शेर खान, रानी महल मेरा पहला रोजा है। मेरे स्कूल की छुट्टियां होने के कारण पढ़ाई भी नहीं पा रही है। इस कारण रोजा रखकर मैं दिन भर इबादत करता रहूंगा और दुआ भी करुंगा। अजलान खान, प्रेमनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें