झांसी। रोडवेज बसों के हादसों की वजह चालक को नींद आना माना जा रहा है। अब रोडवेज ने जो व्यवस्था की है उसके मुताबिक रात के सफर के वक्त परिचालक -चालक के पास बैठेगा और देखेगा कि कहीं उसे नींद तो नहीं आ रही है। परिचालक से कहा गया है कि वह चालक से बात करते रहे ताकि उसे नींद न आए।
लंबी दूरी की बस चलाने के दौरान रात में ड्राइवरों को झपकी आना स्वाभाविक है। ऐसे में प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रोडवेज बसों की हादसे होते रहे हैं। सवारियों को भी जान माल का नुकसान होता रहा है। इस प्रकार के हादसे न हो, इसके लिए कई बार रोडवेज ने कार्यशालाएं भी चलायी है और ड्राइवरों की काउंसलिंग भी करायी है। इसी क्रम में रोडवेज ने सभी कंडक्टरों को निर्देश दिए है, कि वह मध्य रात 1 बजे से सुबह 4 बजे तक ड्राइवर की सीट के बगल में जरूर बैठे और उससे बातें भी करें। ताकि उसे झपकी नहीं आए। सेवा प्रबंधक तुलाराम वर्मा ने बताया कि सभी चालक - परिचालकों को निर्देश दिए गए है, कि वह सुरक्षित जगह पर बस खड़ी करे और पांच से दस मिनट विश्राम अवश्य कर ले। इसके साथ ही चालकों की काउंसलिंग भी करायी जाती रही है।