झांसी। राजा रामचंद्र की नगरी ओरछा में कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर को सपा के सियासी जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। सपा का मुख्य आधार उप्र में है लेकिन, पार्टी उप्र के समीपवर्ती जनपदों में भी अपना दखल बढ़ाने को एक अरसे से कोशिश कर रही है। पार्टी आलाकमान को ओरछा सबसे मुफीद स्थान लगा। इसके जरिए न सिर्फ मप्र के समीपवर्ती इलाकों तक कार्यकर्ताओं को पहुंचाया जा सकेगा बल्कि भाजपा के अयोध्या कार्ड का भी मुकाबला हो सकेगा। प्रशिक्षण शिविर के दौरान भी भाजपा के इस कार्ड से मुकाबले पर चर्चा हुई।
झांसी मंडल के कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन बुधवार को जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं ने जल, जीवन एवं किसान की भूमिका के बारे में बताया। जलपुरुष ने हालिया कृषि कानून पर चिंता जताते हुए कहा यह आने वाले समय में गुलामी का मसौदा साबित होगा। इसको देखते हुए अभी से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने सपा सुप्रीमो से गंगा की दुर्दशा को देखते हुए नए आंदोलन को शुरू करने की बात कही। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए जलपुरुष ने कहा गंगा के नाम पर सरकार बना ली गई लेकिन, अभी भी गंगा में अविरल प्रवाह नहीं हुआ। पूरा पैसा गुजरात के ठेकेदारों के पास चला गया।
इसके पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए उनका स्वागत किया। सपा सुप्रीमो करीब आधे घंटे तक वहां रहे। उसके बाद वह वहां से निकल गए। प्रशिक्षण शिविर का समापन बृहस्पतिवार को अखिलेश यादव के संबोधन के बाद होगा। प्रशिक्षण शिविर में झांसी, ललितपुर और जालौैन की नौ विधानसभाओं के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। शिविर में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, पूर्व सांसद, चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव, आरपी निरंजन, तनवीर आलम समेत झांसी, ललितपुर व जालौन, टीकमगढ़ आदि स्थानों से बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
कार्यकर्ताओं को सिखाए चुनावी मंत्र
- हर कीमत पर बूथ मजबूत करें
- प्रत्येक कार्यकर्ता सक्रियता बढ़ाए
- आम लोगों के बीच अधिक से अधिक समय बिताया जाए
- सरकार की गलत नीतियों और खामियों के बारे में लोगों को बताएं
- महिला एवं किसानों के मुद्दे पर खास फोकस किया जाए
- स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं
- पार्टी कार्यालय पर नियमित बैठक की जाए
- सक्रिय कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक से अधिक बढ़ाई जाए
बलपूर्वक निकाले गए कार्यकर्ता
अखिलेश यादव के शिविर स्थल पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध टूट गया। थोड़ी देर यहां ठहरने के बाद सपा सुप्रीमो सीधे होटल पहुंचे लेकिन, कार्यकर्ताओं का जमावड़ा यहां भी पहुंच गया। अखिलेश की गाड़ी के साथ ही सैकड़ों कार्यकर्ता भीतर घुस गए। यह देखकर सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए। बलपूर्वक कई कार्यकर्ताओं को बाहर निकाला गया। इस वजह से वहां काफी देर तक अफरातफरी रही।
ओरछा में जाम, लोग हलाकान
अखिलेश यादव के काफिले के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नेताओं की भी गाड़ियां थीं। एक साथ सैकड़ों गाड़ियां ओरछा पहुंच गईं। इससे आसपास जाम लग गया। प्रशिक्षण शिविर स्थल के पास अस्थायी पार्किंग बनाई गई थी लेकिन, कार्यकर्ताओं ने वाहन सड़क के दोनों ओर खड़े कर दिए। इससे काफी देर तक वहां जाम की स्थिति बनी रही। इस कारण ओरछा की ओर रामराजा मंदिर जाने वाले श्रद्घालुओं को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी।
चिकित्सक से मिलने पहुंचे आवास
मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पारस गुप्ता से मिलने पूर्व सीएम अखिलेश यादव उनके बजरंग कॉलोनी स्थित आवास पहुंचे। उनके पहुंचने पर डॉ.पारस समेत परिजनों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। अखिलेश वहां करीब बीस मिनट तक रूके। डॉ.गुप्ता के पिता पूर्व डीजीपी कुंज बिहारी गुप्ता, मां कुसुम गुप्ता, डॉ.अरविंद, डॉ.अमित सहगल, डॉ.गौरव गुप्ता, डॉ.पंकज, पवन शर्मा, सुनील गुप्ता, विशाल, अमित, नितिन, बॉबी, रिंकू जैन समेत अन्य ने अखिलेश को स्मृति चिह्न और शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इसके अलावा शाम को वह कैंट में प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सूद, सीपरी बाजार में विंग कमांडर जितेंद्र सिंह के घर भी पहुंचे। कैंट पहुंचने पर काफिले में शामिल गाड़ियों को सेना के जवानों ने रोक लिया। इसके बाद तीन गाड़ियों को ही अंदर जाने की अनुमति मिली।
सपा कार्यकाल के समय आरंभ हुए प्रोजेक्ट का लिया जायजा
झांसी दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए प्रोजेक्ट का भी जायजा लिया। उन्होंने शंकरगढ़ स्थित सैनिक स्कूल, सीपरी ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य देखा। यह कार्य उनके कार्यकाल में ही स्वीकृत हुए थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर निर्माण कार्य पूरा करने में कोताही बरतने का भी आरोप लगाया।
बंगाल चुनाव में तृणमूल का देंगे साथ
बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर सपा सुप्रीमो ने अपने पत्ते खोलते हुए बताया कि पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस की मदद करने का फैसला किया है। ममता बनर्जी के समर्थन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा को वहां प्रचार के लिए भेजा जाएगा हालांकि सीधे इन चुनावों में शिरकत नहीं करेगी।