झांसी। मंगलवार को रमजान के चांद का दीदार होते ही लोगों ने एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद दी। मगरिब की नमाज के बाद लोगों ने सहरी की तैयारियों के लिए बाजारों का रुख किया। इशा की नमाज के बाद ही तरावीह की नमाज अदा की गई। सुबह होते ही लोगों ने सहरी कर रोजा रखा।
बुधवार को माहे रमजान का पहला रोजा होगा। रमजान को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया। मंगलवार को मगरिब की नमाज अदा होते ही मुस्लिम इलाकों में चांद का दीदार करने के लिए महिलाएं और बच्चों ने चांद को देखने के लिए छतों का रुख किया। आसमान में चांद दिखाई देते ही लोगोें ने खुशी का इजहार करने के लिए एक दूसरे को रमजान की मुबारकबाद पेश की। वहीं सोशल मीडिया पर भी देर रात तक मुबारकबाद का सिलसिला चलता रहा। सुबह मस्जिदों से सहरी का एलान होते ही लोगों ने सहरी कर रमजान का पहला रोजा रखा।
मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि चांद का दीदार होने पर रमजान का पाक महीना शुरू हो गया है। इस माह में सवाब का दर्जा सत्तर गुना अधिक होता है। इस माह में अधिक से अधिक भलाई के कामों को कर अल्लाह को राजी करना चाहिए। इस माह की बरकत पूरे साल तक रहती है।