झांसी। सावन की पूर्णिमा पर सोमवार को भाई, बहन के पवित्र प्रेम का पर्व रक्षाबंधन का त्योहार आज मनाया जाएगा। बहनें शुभ मुहूर्त में अपने भाइयों के माथे पर तिलक करेंगी और उनकी लंबी आयु तथा सुख, समृद्धि की ईश्वर से कामनाएं करेंगी। भाई भी अपनी बहनों को एक से बढ़कर एक आकर्षक उपहार देंगे।
सनातन धर्म में रक्षाबंधन के पर्व का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि सावन की पूर्णिमा पर जो बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र राखी बांधती हैं वे हमेशा जीवन में खुशहाल रहते हैं। ज्योतिषविद पंडित नाथूराम पांडे के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग सूर्योदय के साथ ही शुरू हो जाएगा। लेकिन भद्रा और राहु काल के कारण सुबह 9:30 बजे के बाद ही राखी बांधना शुभ रहेगा। इसके बाद पूरा दिन शुभ रहेगा। सावन की पूर्णिमा पर गायत्री जयंती और संस्कृत दिवस भी मनाया जाता है। जनेऊ भी बदला जाता है।
घरों में बन रहे हैं बेसन के लड्डू और खोवा की बर्फी
कोरोनावायरस के कारण इस बार बाजार प्रभावित है। कई लोग बाजारों में बिक रही मिठाइयां खरीदने से बच रहे हैं। ऐसे में अधिकांश घरों में बेसन और सूजी के लड्डू और खोवा की बर्फी बनाई जा रही है। शहर के कुछ मिठाई विक्त्रस्ेताओं के अनुसार कोरोना के कारण मिठाई भी पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार कम बन रही है। क्योंकि इस बार कितने ग्राहक आएंगे। इस बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। अगर मिठाई बच गई तो नुकसान होगा।
रोडवेज की बसों में रक्षाबंधन के पर्व पर महिलाओं को निशुल्क सफर कराया जा रहा है। लेकिन रविवार को महानगर के बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या बहुत कम नजर आई। उरई कानपुर की बसें यात्रियों की प्रतीक्षा में खड़ी नजर आईं। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि यह चिंता की बात है। लेकिन उम्मीद है कि यात्रियों की संख्या में जल्द ही वृद्धि होगी। इस बार यात्रियों के लिए त्योहार पर 108 बसें लगाई गई हैं जो विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही हैं।