फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजघाट बांध: पैसा देने को राजी नहीं मध्य प्रदेश, रखरखाव के लिये दोनों प्रदेशों को राशि देने का है प्रावधान

Wed, 08 Oct 2025 12:06 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

मध्य प्रदेश के अशोक नगर और यूपी के ललितपुर की सीमा पर बना यह बांध वर्ष 2000 में पहली दफा भरा गया। इसके रखरखाव के लिए बेतवा रिवर बोर्ड बनाया गया।
विज्ञापन
राजघाट डैम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजघाट बांध की देखरेख के लिए हिस्सेदारी देने से मध्य प्रदेश सरकार पीछे हटने लगी है। पांच साल से एमपी सरकार अपनी हिस्सेदारी नहीं दे रही है। इस वजह से मौजूदा सीजन में उसकी देनदारी सौ करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। उत्तर प्रदेश ने केंद्रीय जल आयोग से इसकी शिकायत की। इसके बावजूद मध्य प्रदेश सरकार पैसा देने को राजी नहीं है। बजट न मिलने से बांध की मरम्मत समेत अन्य अहम कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन


2020 से मध्य प्रदेश ने हाथ खींचना किया शुरू


उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के संयुक्त स्वामित्व वाले राजघाट बांध का निर्माण 1999 में हुआ था। मध्य प्रदेश के अशोक नगर और यूपी के ललितपुर की सीमा पर बना यह बांध वर्ष 2000 में पहली दफा भरा गया। इसके रखरखाव के लिए बेतवा रिवर बोर्ड बनाया गया। दोनों प्रदेशों को बांध के रखरखाव के लिए सालाना पचास-पचास प्रतिशत राशि बोर्ड को देनी होती है। हर साल बांध के रखरखाव पर करीब 40-45 करोड़ खर्च होते हैं। यह पैसा दोनों प्रदेश देते रहे, लेकिन वर्ष 2020 से मध्य प्रदेश ने हाथ खींचना शुरू कर दिया।

समय पर नहीं मिल रहा कर्मचारियों का वेतन

अब हालात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार सिर्फ 5-10 करोड़ रुपये ही दे रही है। इस वजह से उसकी देनदारी बढ़ते हुए करीब 100 करोड़ रुपये हो चुकी है। देनदारी अधिक होने से बांध के काम प्रभावित होने लगे। कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं मिलता। बेतवा रिवर बोर्ड के सचिव बृजेश कुमार ने भी माना है कि मध्य प्रदेश से पिछले कई साल से अपनी पूरी हिस्सेदारी नहीं दे रहा है। इस वजह से उस पर काफी अधिक बकाया हो चुका है।
विज्ञापन



ललितपुर और झांसी को मिलता है पानी

बेतवा नदी पर बना यह बांध करीब 73 मीटर ऊंचा एवं 1100 मीटर लंबा है। इसका जलभराव इलाका 17000 वर्ग किलोमीटर है। इसके जरिये उत्तर प्रदेश की दो नहरों एवं एक नहर से मध्य प्रदेश को पानी मिलता है। इस बांध से ही माताटीला बांध भरता है, जिससे ललितपुर और झांसी को सिंचाई का पानी मिलता है। बांध से 15 मेगावाट की तीन टरबाइन भी चलाई जाती हैं। राजघाट बांध का जलस्तर 371 मीटर है, जबकि न्यूनतम जलस्तर 356.62 मीटर है। बांध में कुल 18 गेट लगाए गए हैं। बांध से 12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें