मऊरानीपुर क्षेत्र में निर्मित प्रवेश द्वार
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मऊरानीपुर क्षेत्र में आप कहीं से भी गुजरिए, स्वागत द्वार आपका अभिनंदन करेंगे। बड़े शहरों की तर्ज पर मऊरानीपुर में भी ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग (आरईएस) 17 स्वागत द्वार बना रहा है। इनमें 11 का निर्माण पूर्ण भी हो चुका है, शेष पांच को भी शीघ्र बना लिया जाएगा। गेट बनने से जहां क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी, वहीं लोगों में महापुरुषों के बारे में जानने एवं अध्ययन करने की रुचि बढ़ेगी।
मऊरानीपुर क्षेत्र में महापुरुषों के नाम पर 16 स्वागत द्वार स्वीकृत किए गए। विधायक निधि से स्वागत द्वार बनाए जाने को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव पास होने के बाद एस्टीमेट बनाकर भेजा गया। धनराशि अवमुक्त होते ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग ने इसका कार्य शुरू करा दिया है। पहले चरण में 11 गेट का निर्माण पूर्ण कराया गया है, शेष का भी निर्माण जारी है। स्वागत द्वार न केवल क्षेत्र की बढ़ाएंगे बल्कि स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व को भी दर्शाएंगे।
यहां बनाए गए गेट
मऊरानीपुर-झांसी रोड पर गौरव गेस्ट हाउस के पास। बंगरा से उल्दन रोड पर। तहसील मऊरानीपुर रोड से जयंती पैलेस रोड पर। मोंठ-टहरौली रोड पर। अग्रसेन महाविद्यालय के पास। मऊरानीपुर-रानीपुर रोड पर शिवगंज पुलिस चौकी के पास।मऊरानीपुर-गरौठा रोड पर सिजारी के पास। निमोनी तिराहा पर। गुरसराय-चिरगांव रोड पर बघैरा तिराहे पर। बंगरा-उल्दन रोड पर गायत्री माता मंदिर के पास। मऊरानीपुर-भड़रा रोड पर मढ़ा मंदिर के पास। मऊरानीपुर-गरौठा रोड बड़ेरा सिटी के आगे। मऊरानीपुर-झांसी रोड पर ग्रामोदय विद्यालय के पास। मऊरानीपुर-गुरसराय रोड पर ग्राम रूपा धमना के पास। बंगरा-कटेरा रोड पर ग्राम कचनेव तिराहे पर। टहरौली-बमनुवा रोड पर। मऊरानीपुर-टीकमगढ़ रोड पर अग्रसेन महाविद्यालय के पास।
झांसी ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार का कहना है कि मऊरानीपुर में विधायक निधि से अलग-अलग इलाकों में 16 गेट स्वीकृत हुए हैं, जिनमें 11 गेट का निर्माण पूर्ण हो चुका है। गेट बनने से क्षेत्र को पहचान मिलेगी, साथ ही लोग महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा भी लेंगे।