रेलवे स्टेशन पर नवनिर्मित फुट ओवर ब्रिज एवं एस्केलेटर (स्वचालित
सीढ़ियां) का रविवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने शुभारंभ कर
दिया। इस दौरान उन्होंने झांसी के विकास को प्राथमिकता बताया।
स्टेशन
पर उमा भारती ने कहा कि रेलवे को विकास एवं आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर देखकर
वह गौरवान्वित हैं। झांसी मंडल के विकास एवं आधुनिकीकरण के लिए वह हमेशा
तैयार हैं। इसके लिए रेल अधिकारी उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं।
इस
दौरान डीआरएम एस के अग्रवाल ने कहा कि झांसी मंडल यात्री सुविधाओं के विकास
के साथ - साथ राजस्व बढ़ोतरी के लिए प्रयत्नशील है। वित्तीय वर्ष 2014-15
में रेलवे ने गत वर्ष के मुकाबले 17.20 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि 1150 करोड़ की लागत से 206 किमी लंबे झांसी - कानपुर
रेलखंड के दोहरीकरण का कार्य जारी है। भिंड - इटावा रेलखंड का निर्माण पूरा
कर लिया गया है। यह चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन तीनों नदियों पर मुख्य
पुलों का निर्माण करते हुए रेलवे ने यह चुनौती पूरी की। जल्द ही यह रेल
मार्ग पैसेंजर यातायात के लिए खोला जाएगा। डीआरएम ने बताया कि ग्वालियर
स्टेशन पर भी एस्केलेटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही ग्वालियर
में बहु उद्देश्यीय कांप्लैक्स का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसका नौ जून को
उद्घाटन होगा। झांसी में भी मल्टी फंक्शनल कांप्लैक्स का निर्माण जारी है।
इसके अलावा विभिन्न स्टेशनों पर 38 जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवक (जेटीबीएस)
तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 56 और जल्द शुरू कर दिए जाएंगे। रिटायरिंग
रूम की बुकिंग ऑनलाइन कर दी गई है। इस मौके पर महापौर किरण वर्मा, विधायक
रवि शर्मा, नगर अध्यक्ष संजीव श्रृंगीऋषि, चंद्रप्रकाश मिश्रा, हिमांशु
दुबे समेत सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे व अन्य रेल अफसर मौजूद रहे।
हर घंटे 5700 यात्री चढ़ सकेंगे एस्केलेटर पर
झांसी।
रेलवे स्टेशन पर 77.09 लाख रुपये की लागत से तैयार की गईं स्वचालित
सीढ़ियां प्रति घंटे 5,700 यात्रियों को लाभान्वित करेंगी। इसमें 51
सीढ़ियां हैं, जिनकी गति 0.50 मीटर प्रति सेकेंड है। सीढ़ियों की
प्लेटफार्म से ऊंचाई 8.7 मीटर है। वहीं, पैदल ऊपरगामी पुल के निर्माण का
ठेका जून 2014 में दिया गया था। कार्य की लागत 3.75 करोड़ रुपये लागत है,
इसमें 69 सीढ़ियां हैं। पुल की ऊंचाई रेल लाइन से 8.5 मीटर है।