रेलवे कारखाने में ट्रेनर के धमकाने से परेशान युवक ने लगाई थी आग, मौत
झांसी। रेलवे कारखाने में ट्रेनर द्वारा धमकाए जाने और ब्लैकमेल करने से परेशान होकर ट्रेनिंग कर रहे युवा ने आग लगा ली थी। दिल्ली में उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पीड़ित के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोतवाली में दी तहरीर में मेवाती पुरा में रहने वाले वकार हसन ने बताया कि वह ललितपुर से विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनको सेवानिवृत्त होने पर 30 लाख रुपये मिले थे। पॉलीटेक्निक उत्तीर्ण उनका पुत्र शहनबाज अली (23) रेलवे कारखाने में अप्रेंटिस कर रहा था। उसका ट्रेनर पास के सराय मुहल्ले में ही रहने वाला काजिम रजा है। विगत तीन फरवरी को ट्रेनर उनके घर आया।
वह उनके पुत्र से बोला कि उनके मोबाइल पर एक लड़की का फोन आया है। लड़की का कहना है कि वह उसके साथ छेड़छाड़ करता है। ट्रेनर ने कहा कि अगर उसने पांच लाख रुपये नहीं दिए तो वह फोन पर हुई बातचीत को वायरल कर देगा। बार- बार धमकाया। इस दहशत में उनके पुत्र ने चार फरवरी को पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। परिजनों ने उसे झुलसी हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां से उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। ग्वालियर से राम मनोहर लोहिया नई दिल्ली भेज दिया गया, जहां आठ फरवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने ट्रेनर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।