झांसी। आखिरकार जिसका अंदेशा था वही हुआ। एक साथ सभी पदों पर चुनाव होने से रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाते रहे। देर रात तक हुए मतदान में 80 प्रतिशत मतदाताओें ने मतदान में हिस्सा लिया। अब 8090 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटिकाओं में बंद हो गई। इनकी किस्मत का फैसला दो मई को मतगणना से होगा।
चुनाव आयोग ने इस बार एक साथ सभी चारों पदों पर चुनाव कराया। इसको देखते हुए पहले से संभावना जताई जा रही थी कि 700-800 मतदाता वाले बूथों में रात तक मतदान कराना पड़ सकता है। सिर्फ 700-800 वाले मतदान केंद्रों की संख्या जनपद में 284 है। मतदान में सबसे अधिक विलंब इन्हीं मतदान केंद्रों में हुआ। बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से मतदान आरंभ हुआ। सुबह मतदाताओं में भारी उत्साह दिखाई दिया। 11 बजे तक करीब 23 प्रतिशत मतदान हा गया था। तमाम बूथों पर महिलाओं की लंबी कतार लगी रही। इसके बाद चिलचिलाती गर्मी के कारण मतदान की रफ्तार कुछ कम हुई। लेकिन, तीन बजे के बाद इसमें फिर से तेजी आ गई। मतदाताओं के निकलने का सिलसिला शाम को और तेज हुआ। शाम पांच बजे तक मतदाताओं की भारी भीड़ बूथ तक पहुंच गई थी।
शाम पांच बजे मतदान केंद्र के दरवाजों पर पुलिस लगा दी गई लेकिन, भीतर इतने मतदाता पहुंच गए थे कि सबको मतदान के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। जनपद के 68 बूथ ऐसे थे, जहां मतदान कराने में रात दस बज गए। इसके अलावा गुरसराय ब्लॉक के एक एवं मऊरानीपुर ब्लॉक के तीन केंद्रों में रात साढ़े ग्यारह बजे तक मतदान होता रहा। मतदान के दौरान जिलाधिकारी आंद्रा वामसी, उपजिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार, एसएसपी रोहन पी कनय समेत सुपर जोनल मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारी मतदान केंद्रों का जायजा लेते रहे।
ब्लॉकवार वोटिंग का ब्योरा
ब्लॉक वोटिंग प्रतिशत
बबीना 81
बड़ागांव 77.61
चिरगांव 82.15
मोंठ 77
बामौर 80
गुरसरांय 75
मऊरानीपुर 77
बंगरा 76.5
कुल 80
आधी रात बाद भी मतपेटिकाओं संग पहुंचते रहे मतदानकर्मी
मतपेटिकाओं को जमा कराने में मतदानकर्मियोें को काफी मशक्कत करनी पड़ी। महज दस प्रतिशत मतदान केंद्र ही ऐसे रहे, जहां पांच बजे तक मतदान सिमट गया था। अधिकांश मतदान केंद्रों में शाम छह से सात बजे तक मतदान होता रहा। ऐसे में अधिकांश पोलिंग पार्टियां ब्लॉकों में रात दस बजे के बाद पहुंचीं। रात दस बजे के बाद मतपेटिकाओं के जमा कराने के काम ने भी तेजी पकड़ी। जिन केंद्रों में देर रात तक मतदान हुआ, वहां काफी विलंब से मतदानकर्मी मतपेटिकाओं के संग पहुंचे। आधी रात तक मतपेटिकाओं को जमा कराने काम होता रहा। मतपेटिकाएं जमा करने के लिए लंबी कतार लगी रही।
कोरोना के चलते मत प्रतिशत में आई गिरावट
कोरोना के कारण तमाम मतदाता अपना वोट डालने नहीं पहुंचे। इस वजह से पिछली बार के मुकाबले करीब तीन फीसदी कम मतदान झांसी में हुआ। 2015 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान झांसी में 83.43 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस वजह से झांसी पूरे प्रदेश के सर्वाधिक मतदान वाले पांच जनपदों में शामिल रहा था लेकिन, इस बार मतदान 78.28 प्रतिशत के बीच ही सिमट गया। पिछली बार के मुकाबले इस बार करीब 80 हजार मतदाता बढ़े। नई मतदाता सूची में कुल 973522 मतदाता हैं लेकिन मतदान में इजाफा नहीं हुआ। संभावना जताई जा रही कि कोविड संक्रामण के बढ़ते खतरे की वजह से लोग मतदान केंद्रोें तक नहीं पहुंचे।
मतपेटिकाओं के पीछे-पीछे चलते रहे उम्मीदवार
मतदान खत्म होने के बाद जैसे ही पोलिंग पार्टियां मतपेटिकाओं को लेकर रवाना हुईं, तमाम उम्मीदवार अपने वाहनों के साथ पोलिंग पार्टियों के साथ चल दिए। पुलिस बल ने उनको खदेड़ने की कोशिश की लेकिन, इसके बावजूद तमाम उम्मीदवार पोलिंग पार्टियों के साथ चलते रहे। इन उम्मीदवारों को मतपेटिकाएं बदल दिए जाने की आशंका सता रही थी। पोलिंग पार्टियों के साथ ही उम्मीदवार भी अपने समर्थकों के साथ ब्लॉकों में जमा रहे। कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों के बीच आपसी झड़प भी हुई।