झांसी। कोरोना दिनोंदिन रफ्तार पकड़ रहा है। त्रिस्तीय पंचायत चुनाव के दौरान दो गज की दूरी और मास्क की अनिवार्यता का ध्यान नहीं रखा गया। चुनाव संपन्न हो गया, अब गांवों में कोरोना फैलने की आशंका बढ़ गई है। यदि गांवों में कोरोना फैलातो इसे संभालना मुश्किल हो जाएगा।
अप्रैल में कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन मरीजों की संख्या रिकार्ड बना रही है। बृहस्पतिवार को जिले में पंचायत चुनाव हो गया। इस चुनाव में नियमों का पालन नहीं किया गया। यही कारण रहा कि जहां देखो वहां लोगों की भीड़ लगी रही। मतदान करने के लिए मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। इसमें जो लोग लाइन में लगे थे, उन्होंने भी कोरोना से परहेज के नियमों का पालन नहीं किया। क्योंकि, मतदाता भी एक- दूसरे से सटकर खड़े थे। इतना ही नहीं, जहां पर मतदाता सूची देखने और मतदाता पर्ची बनाने के लिए लोग बैठे थे, वहां पर भी मतदाता झुंड के रूप में एक- दूसरे से सटे खड़े थे और मतदाता पर्ची बनवा रहे थे। जबकि, शासन की ओर से कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए दो गज की दूरी और मास्क जरूरी बताया जा रहा है।
बढ़ते संक्रमण का ही नतीजा है कि झांसी महानगर में नाइट कर्फ्यू रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक कर दिया गया है, ताकि लोग बेवजह बाहर न निकलें और खुद को कोरोना से बचा सकें। लेकिन पंचायत चुनाव में किसी सावधानी का पालन नहीं किया गया। बहुत से लोग जुकाम और बुखार से पीड़ित थे, वह भी मतदान करने आए थे। इतना ही नहीं, वह लोग भी मतदाताओं के साथ कतार में लगे रहे। कतारें लंबी थीं, ऐसे में उन्हें भी काफी समय तक रुकना पड़ा। कोई आश्चर्य नहीं होगा यदि सभी की जांच करा दी जाए तो कई लोग कोरोना संक्रमित मिल जाएंगे। ऐसे में गांवों के हालात बहुत भयावह हो जाएंगे। झांसी में मेडिकल कॉलेज कोरोना मरीजों से भरा पड़ा है। यदि गांवों में संक्रमण फैला तो इसे संभालना मुश्किल हो जाएगा।