झांसी। कोरोना से लड़ने के लिए सेना ने खास तैयारी की है। वायरस प्रभावित देशों से लौटने वाले भारतीयों को क्वारनटाइन (एकांत) उपलब्ध कराने के लिए रक्षा मंत्रालय ने झांसी समेत सात शहरों में क्वारनटाइन सेंटर खोले हैं। रक्षा सूत्रों के अनुसार झांसी के साथ ही जैसलमेर, सूरतगढ़, जोधपुर, देवलाली, कोलकाता और चेन्नई में भी यह व्यवस्था की गई है।
बड़ी तादाद में भारतीय व्यापार, शिक्षा, पर्यटन व अन्य कारणों से विश्व के कोने-कोने में जाते हैं। इन दिनों विश्व के अधिकतर देश कोरोना प्रभावित हैं। अलग-अलग काम से इन देशों में गए भारतीय लौट रहे हैं। इनमें कोरोना के संक्रमण की संभावनाओं को नकारा नहीं जा सकता। इसलिए विदेशों से लौटने वाले कोरोना वायरस के संदिग्ध भारतीयों को उनके घर जाने से पहले एकांत में रखने की व्यवस्था की गई है। इसमें सेना की सेवाओं का भी सहारा लिया जा रहा है।
कम से कम 28 दिन तक एकांत में रखकर इन लोगों में कोरोना के लक्षणों को देखा जाएगा। मर्ज के लक्षण न होने की पुष्टि होने के बाद ही उन्हें घर भेजा जाएगा। इस देख रेख में किसी तरह की चूक न हो जाए इसलिए सेना के विशेषज्ञ चिकित्सकों और कैंट के अलग-थलग माहौल को चुना गया है। इससे पहले सेना मानेसर में क्वारनटाइन सेवा उपलब्ध करा रही है जबकि गाजियाबाद के पास हिंडन में एयरफोर्स ऐसे ही केंद्र को चला रहा है।