झांसी। नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रोन्नति का मामला फिर से चर्चाओं में है। लगातार तीन बार टेस्ट होने के बाद भी कर्मचारियों को प्रोन्नत नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि कर्मचारियों की योग्यता प्रोन्नति में बाधा बन रही है। साथ ही बिना योग्यता प्रमाणित किए अधिकारी प्रोन्नति में संस्तुति करने से बच रहे हैं।
नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लिपिक के पद पर प्रोन्नत किया जाना है। बीते सालों में तीन बार कंप्यूटर संचालन और सामान्य ज्ञान परीक्षा हो चुकी है। इसमें दो बार कर्मचारियों का प्रदर्शन औसत से भी कम रहा है। इसके चलते दो साल पहले तीसरी बार परीक्षा कराई गई, लेकिन इसका रिजल्ट जारी नहीं किया गया। सूत्र बताते हैं कि परीक्षा समिति को इस बार भी कई कर्मचारियों का प्रदर्शन खराब मिला है। वहीं लगातार परीक्षाएं कराने के पक्ष में नगर निगम अधिकारी भी नहीं हैं। बताया जाता है कि शासन के निर्देश हैं कि बिना योग्यता और दक्षता प्रमाणित किए बिना प्रोन्नति नहीं की जा सकती है। ऐसे में अधिकारी भी खुद को इस मामले से बचा रहे हैं। कर्मचारियों ने एक बार फिर से प्रोन्नति की मांग की है, लेकिन योग्यता का पेंच आड़े आ रहा है। वहीं कर्मचारी भी प्रोन्नति के लिए खुद को योग्य साबित नहीं कर पा रहे हैं।