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कम हुए ब्लॉक प्रमुखों के वित्तीय अधिकार

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पंचायत - फोटो : ??????
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झांसी। ब्लॉक प्रमुखों के अधिकारों में कटौती करते हुए सरकार ने अब सामान्य विकास निधि के संचालन का जिम्मा सहायक विकास अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी को सौंप दिया है। हालांकि इस आदेश के जारी होने के साथ ही विवाद भी छिड़ गया है। ग्राम पंचायतें इसे पंचायत राज अधिनियम का उल्लंघन ठहरा रही हैं।
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पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से जारी एक शासनादेश के जरिए प्रदेश भर के ब्लॉक प्रमुखों के अधिकार सीमित कर दिए गए। अभी तक सामान्य विकास निधि का संचालन ब्लॉक प्रमुख बीडीओ के माध्यम से करते थे लेकिन, नई व्यवस्था में ब्लॉक प्रमुख को बाहर करते हुए उनकी जगह एडीओ को शामिल कर लिया गया। अब ब्लॉक प्रमुख सिर्फ इससे संबंधित फाइल पर अनुमोदन ही कर सकेंगे। बता दें, इसके पहले 2016 में ब्लॉक प्रमुखों से केंद्रीय वित्त आयोग के अधिकार भी इसी तरह वापस ले लिए गए थे। प्रस्तावित नई व्यवस्था के मुताबिक ब्लॉक स्तर पर राज्य वित्त आयोग एवं सामान्य विकास निधि से आई राशि के खाते का संचालन सहायक विकास अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी मिलकर करेंगे लेकिन, इस शासनादेश के जारी होते ही विरोध भी आरंभ हो गया है। ब्लॉक प्रमुख इसे राजनैतिक मामला बताते हुए इसके खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। वहीं, डीपीआरओ जगदीश राम का कहना है इस संबंध में कुछ दिनों पहले शासनादेश आया है लेकिन, आगे के दिशा-निर्देश अभी नहीं मिले हैं।
अधिनियम का उल्लंघन!
जानकारों का कहना है कि पंचायती राज अधिनियम की धारा 101 में साफ तौर पर ब्लॉक प्रमुखों के वित्तीय अधिकार के बारे में लिखा गया है। अधिनियम के मुताबिक क्षेत्र पंचायत निधि से धन निकासी एवं वितरण ब्लॉक प्रमुख एवं खंड विकास अधिकारी साझे तौर पर करेंगे। इसी आधार को लेकर ब्लॉक प्रमुख अपने अधिकारों में कटौती को लेकर तिलमिलाए हुए हैं।
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