जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि बालू खनन के घाटों पर पट्टा धारक अपने-अपने साइन बोर्ड लगाएं। उस पर बालू खनन के पट्टे का क्षेत्रफल, पट्टा जारी होने व समाप्त होने की तिथि लिखी जाए। खनन की सीमा का चिह्नीकरण किया जाए, जब तक सीमा पर पिलर नहीं लगाए जाते तब तक खनन न किया जाए। यदि कोई खनन करता है तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
खनिज विभाग कार्यालय में उन्होंने पट्टाधारकों को निर्देश दिए कि जितने क्षेत्रफल में खनन का पट्टा है, यदि उससे अधिक में खनन कार्य पकड़ा गया तो पट्टा निरस्त कर दिया जाएगा।
जल्द ही शासन की टीम निरीक्षण करेगी।
बढ़ी हुई राशि से विकास कार्य कराए जाएंगे। रास्तों में बालू भंडारण नहीं किया जाए। पट्टाधारक स्टाक रजिस्टर जरूर रखें, ताकि सत्यापन किया जा सके। लेखपाल, सर्वेयर व क्षेत्र की पुलिस मौके पर जाकर बालू घाटों का निरीक्षण कर लें। ओवरलोडिंग सख्ती से रोकी जाए।