झांसी। पानी वाली धर्मशाला की सफाई का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। अब शीघ्र ही इसके कायाकल्प का काम शुरू किया जाएगा। ये अगले साल पूरा होगा।
कार्य योजना तैयार कर ली गई है। तालाब को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
पानी वाली धर्मशाला शहर की घनी आबादी के बीचों बीच पानी का प्राचीन स्रोत है। लेकिन, नालों का गंदा पानी और गंदगी जमा होने की वजह से इसका हाल बेहाल बना रहता है। धर्मशाला की हालत में सुधार को लिए इसके सुशोभीकरण का काम दो माह पहले शुरू किया गया था। पहले इसमें जमा गंदा पानी बाहर निकाला गया और इसके बाद नीचे तलहटी में जमी सिल्ट की सफाई की गई। इसमें दस फुट से अधिक तक सिल्ट जमा थी, जिसमें अस्सी फीसदी साफ कर दी गई है, परंतु बारिश होने की वजह से इसमें पानी भरने लगा है, जिससे सिल्ट सफाई का काम रोक दिया गया है। अब अगले साल की शुरुआत में यहां काम शुरू किया जाएगा। पहले बची हुई सिल्ट निकाली जाएगी। इसके बाद इसका कायाकल्प होगा।
इसके तहत लाल पत्थर लगाए जाएंगे, लाइटिंग की जाएगी और गंदगी रोकने के लिए जाली लगाई जाएगी।
ऐसे निखारेगी सुंदरता
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- गंदे पानी को रोकने के लिए नाले-नालियों का डायवर्जन किया जाएगा।
- चारों ओर सीढ़ियों पर लाल पत्थर लगाए जाएंगे। बैठने के लिए बैंच होंगी।
- तालाब के बीच में फव्वारा लगाया जाएगा। इसका एस्टीमेट बन गया है।
- साफ पानी की व्यवस्था के लिए दो जगह बोरिंग की जाएगी।
- ऊपर की चार सीढ़ियों के बाद तक इसमें पानी का भराव होगा।
- ओवरफ्लो पानी निकालने की व्यवस्था की जाएगी।
- धर्मशाला के चारों ओर आकर्षक लाइटिंग की जाएगी।
- ऊपर की चार सीढ़ियों के बाद ऊंची जाली लगाई जाएगी।
- आसपास के लोगों की कमेटी बनेगी जो इस पर नजर रखेगी।
सभी मकानों का होगा एक रंग
पानी वाली धर्मशाला के इर्दगिर्द कई मकान और लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कालेज स्थित है। तालाब के सुशोभीकरण की योजना के तहत इन मकानों की बाहरी दीवारों का रंग एक सा होगा। इससे इस जगह की सुंदरता और बढ़ेगी। रंग अभी तय नहीं किया गया है।
रास्तों का भी होगा विकास
धर्मशाला तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग पंचकुइयां तिराहे से होकर जाता है। योजना के अनुसार इस मार्ग को दुरुस्त किया जाएगा और जगह - जगह स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि लोग आसानी से यहां तक पहुंच सकें।
दूसरे चरण में पूरा होगा काम
पानी वाली धर्मशाला के सुशोभीकरण का काम दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में इसकी सफाई की गई, अस्सी फीसदी तक सिल्ट साफ हो गई है। जबकि, दूसरे चरण में अगले साल बचीखुची सिल्ट की सफाई कर इसका विकास किया जाएगा।
- रवि शर्मा, नगर विधायक