झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने परचेज कमेटी से कई सदस्यों का पत्ता साफ कर दिया है। कुलपति ने कड़ा कदम उठाते हुए पुराने सदस्यों को हटाकर कमेटी को सीमित कर दिया है।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय में हर छोटी से बड़ी चीज की खरीद फरोख्त, टेंडर आदि से जुड़े फैसले परचेज कमेटी लेती है। अहम कमेटियों में गिनी जाने वाली इस कमेटी में कुछ सदस्य सालों से डेरा जमाए थे। बीते दिनों से परचेज कमेटी सवालों के घेरे में थी। हाल ही में टेंडर से लेकर कई मामलों में कमेटी पर आरोप लग रहे थे।
‘अमर उजाला’ ने भी खबरें प्रकाशित कर कमेटी के रवैये की पोल खोली थी। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमेटी बदलने पर मुहर लगा ही दी।
कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने कमेटी से पांच सदस्यों को हटा दिया है। हालांकि, इनमें से दो प्रोफेसर डीन होने के नाते कमेटी में बने रहेंगे। नवीन गठित कमेटी में सभी अधिष्ठाता (परिसर), एफओ या उनके नॉमिनी, रजिस्टार या उनके नॉमिनी, टेंडर अथवा खरीद से संबंधित विभाग के प्रमुख/ समन्वयक शामिल हैं।
वहीं, कुलपति ने ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया की देखरेख, फीडिंग आदि के लिए तीन सदस्यों की भी नियुक्ति कर दी है। अब जल्द ही बीयू में ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया प्रभावी हो जाएगी।