झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग के सभी ब्रांचों के छात्रों का पुरातन छात्र सम्मेलन हुआ। इसमें छात्र-छात्राओं ने अपने गुजरे पलों को याद किया। संस्थान से जुड़ी खट्टी-मीठी यादों को भी साझा किया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने कहा कि किसी भी संस्थान की पहचान वहां के पुराने छात्रों से होती है। इस तरह के आयोजन लगातार होने चाहिए, ताकि सभी छात्रों से संस्थान का जुड़ाव बना रहे। साथ ही पुरातन छात्रों की भी जिम्मेदारी होती है कि वे अपने संस्थान की उन्नति में अहम योगदान दें ताकि अपने वाली नई पीढ़ी को मजबूत किया जा सके।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रभाकांत पाठक ने कहा किसी भी संस्थान की इमारत वहां से पढ़े बच्चों की भावनाओं से बनी होती है। वहां से पढ़कर निकले छात्र संस्थान के ब्रांड एंबेस्डर होते हैं। कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि पुरातन छात्रों को विश्वविद्यालय की प्रगति के बारे में जानकारी दी। डीन इंजीनियरिंग प्रो. एसके कटियार ने टीक्यूप-3 प्रोजेक्ट और संस्थान की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, प्रो. सीबी सिंह, प्रो. वीके सहगल, इं. राहुल शुक्ला, डॉ. अवधेश प्रताप सिंह गौर, इं. बृजेश लोधी, डॉ. सादिक खान, इं. साक्षी दुबे, इं. मुकुल सक्सेना, इं. बृजेंद्र कश्यप, इं. जितिन गोयल मौजूद रहे।