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प्रसूताओं को नहीं मिला प्रसव के बाद पैसा, सीएमएस का वेतन रोका

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प्रसूताओं को नहीं मिला प्रसव के बाद पैसा, सीएमएस का वेतन रोका
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झांसी। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत प्रसूताओं का भुगतान करने में शहर के चार केंद्र फिसड्डी हैं। अप्रैल से शुरू हुए नए वित्तीय वर्ष में अब तक महिला अस्पताल, मिलिट्री हॉस्पिटल, नगरा और पुलिया नंबर नौ स्वास्थ्य केंद्र ने एक भी लाभार्थी का भुगतान नहीं किया है। मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने महिला अस्पताल की सीएमएस का वेतन रोक दिया।
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जेएसवाई का उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं के संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार इसके लिए गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। सरकार की सोच यह है कि अगर गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाए, तो इससे जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। योजना के तहत गर्भवतियों की सारी जांच और बच्चे की डिलीवरी निशुल्क होती है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव के दौरान 1400 रुपये और शहरी इलाके की महिलाओं को 1000 रुपये नकद मिलते हैं। आशा को अलग से सहयोग राशि दी जाती है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना पर जिले की स्वास्थ्य इकाइयां पलीता लगा रही हैं। बताया गया कि अप्रैल 2021 से अब तक महिला अस्पताल में जेएसवाई के तहत 131, मिलिट्री हॉस्पिटल में 26, नगरा और पुलिया नंबर नौ स्वास्थ्य केंद्र दोनों को मिलाकर 25 प्रसव हुए। मगर इन सभी स्वास्थ्य इकाइयों ने एक भी लाभार्थी का भुगतान नहीं किया। मंगलवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इस पर अफसरों ने नाराजगी जताई। डीएम आंद्रा वामसी ने बताया कि जेएसवाई का भुगतान न करने पर महिला अस्पताल की सीएमएस का वेतन रोका गया है।
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