झांसी। हर खेत को पानी उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ का काम अंतिम चरण में है। प्रधानमंत्री कृषि जल सिंचाई योजना के लिए जिले के सभी विभागों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट नोडल अधिकारी उप निदेशक कृषि को दे दी है। प्रोजेक्ट की बेस रिपोर्ट तैयार कर इसका प्रस्तुतीकरण सोमवार को लखनऊ में किया जाएगा।
सिंचाई संसाधन न होने के कारण जिले के चालीस फीसदी खेत बिना बुवाई के पड़े हैं। भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री कृषि जल सिंचाई योजना बनाई है। इसके तहत सिंचाई व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों से सामूहिक तैयारियां कराकर एक योजना बनाई जानी है, जिससे जिले के असिंचित खेतों को भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके।
उत्तर प्रदेश में इस योजना के संचालन के लिए झांसी को मॉडल जिले के तौर पर चुना गया है। झांसी में बनी योजना यदि पास हुई तो उसी आधार पर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
योजना बनाने के लिए डीडी कृषि यूपी सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने सिंचाई से जुड़े सभी विभागों से योजना बनाने के लिए 31 अक्तूबर 2015 तक सुझाव व सूचनाएं मांगी थीं। लेकिन, उस समय पंचायत चुनाव चलने के कारण विभाग अपनी रिपोर्ट नहीं दे सके थे। अब सभी विभागों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट डीडी कृषि को सौंप दी हैं।
नई सिंचाई योजना का प्राथमिक स्वरूप रविवार तक फाइनल हो जाएगा, जिसका प्रस्तुतीकरण सोमवार को लखनऊ में किया जाएगा। लखनऊ में आयोजित सिंचाई कार्यशाला में प्रस्तुतीकरण के बाद मिले सुझावों के आधार पर नई सिंचाई योजना तैयार की जाएगी। डीडी कृषि यूपी सिंह ने बताया कि मार्च माह में योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।