झांसी। अंतिम आरक्षण तय हो जाने के बाद गंवई राजनीति ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि तमाम उम्मीदवार पहले से अपने इलाकों में प्रचार में जुटे हुए थे लेकिन, अभी उसमें रंगत नहीं आ पा रही थी। शुक्रवार को आरक्षण तय होने के बाद ग्रामीण इलाकों में प्रचार अपनी रफ्तार में आ गया।
इस बार चुनाव के लिए काफी कम दिन तय किए गए हैं हालांकि इस वजह से उम्मीदवारों को चुनावी खर्च से राहत मिलेगी लेकिन, उनके सामने कम समय में प्रचार करने की चुनौती भी होगी। नामांकन के लिए भी सिर्फ दो दिन तय किए गए हैं। ऐसे में उनको नो-ड्यूज भी लेने में मशक्कत करनी होगी। इन सबके बीच चुनावी राजनीति तेज होना शुरू हो गई। अधिकांश निवर्तमान प्रधान चुनावी मैदान में उतरने को ताल ठोंक रहे हैं।
उनको चुनौती देने के लिए विपक्षी भी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। कार्यकाल खत्म होने के साथ ही प्रधानों के तेवर पहले के मुकाबले नम्र हो गए जबकि विपक्षी अधिक अक्रामक हो उठे हैं। गांव के भीतरी इलाकों में बैनर, पोस्टर नजर आने लगे। सुबह-शाम जुटने वाली गांव की चौपालों में उम्मीदवार अपनी हाजिरी लगाना नहीं भूल रहे। मतदाता सूची के लिहाज से उम्मीदवारों ने अपने वोटर भी गिने हुए हैं। ग्राम में एक-एक वोटर को अपने पाले में लाने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
एक नजर में पंचायत
ग्राम पंचायतें 496
ब्लॉक 8
ग्राम प्रधान 496
ग्राम पंचायत सदस्य 6170
क्षेत्र पंचायत सदस्य 599
जिला पंचायत सदस्य 24
कुल मतदाता 964703