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पासपोर्ट के लिए नहीं लगाने होंगे थाने के चक्कर, घर बैठे एप से होगा पुलिस सत्यापन

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Police verification for passport through app at home
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पासपोर्ट के लिए नहीं लगाने होंगे थाने के चक्कर, घर बैठे एप से होगा पुलिस सत्यापन
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झांसी। अब लोगों को पासपोर्ट बनवाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पासपोर्ट के लिए आवेदन के बाद दस्तावेज के सत्यापन के लिए आवेदक को थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब पुलिस आवेदक के घर जाकर एम पासपोर्ट एप के माध्यम से दस्तावेज का सत्यापन कर मौके पर ही अधिकारियों के कार्यालयों में भेज देगी। यहां से रिपोर्ट सीधे पासपोर्ट कार्यालय पहुंचेगी और पासपोर्ट प्रिंट होकर सीधे आवेदक के घर पहुंच जाएगा। इससे समय के काफी बचत होगी। अपर पुलिस अधीक्षक को प्रशिक्षण के लिए डीजीपी ने लखनऊ बुलाया है।
पासपोर्ट के लिए आवेदन होने के बाद आवेदक के सत्यापन के लिए दस्तावेज को पासपोर्ट कार्यालय से संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में भेजा जाता है। जहां से उन दस्तावेजों को संबंधित थाने में भेज दिया जाता है। थाने में दस्तावेज के सत्यापन के लिए आवेदक और उसके दो पड़ोसियों को बुलवाया जाता है। उनके दस्तावेज को और पड़ोसियों के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार करके पुलिस फाइल वापस पुलिस अधीक्षक कार्यालय भेजती है। इस पूरी प्रक्रिया में तकरीबन 15 से 20 दिन लग जाते हैं।
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अब इस प्रक्रिया में बदलाव किया गया है, अब पासपोर्ट के लिए मोबाइल एम पासपोर्ट एप से आवेदन किया जा सकेगा। थाने में जो कागजात पहुंचेंगे वह मोबाइल के एम पासपोर्ट एप पर भी उपलब्ध होंगे। पुलिसकर्मियों को उसी एप पर आवेदक के घर जाकर मौके की फोटो खींचकर अपलोड करनी होगी और उसके हस्ताक्षर भी उसी टैब पर करवाने होंगे। पुलिसकर्मी मौके पर आवेदक के दस्तावेजों को टैब में स्कैन करके उन्हें अपलोड कर देगा।
आवेदक को नहीं बुलाएंगे थाने
अधिकतर पुलिसकर्मी आवेदक को थाने बुलाकर कागजात पर हस्ताक्षर कराते हैं। मोबाइल एप की सुविधा शुरू होने के बाद यह संभव नहीं हो पाएगा। उनको आवेदक के घर पर जाना ही पड़ेगा। इसके बाद ही फाइनल जांच कर उसे अपलोड करना होगा।
स्थिति भी आएगी सामने
एप के जरिए आवेदक पासपोर्ट बनने की स्थिति भी देख सकेंगे। साथ ही मिलने वाली तारीख की भी जानी मिल सकेगी। सत्यापन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है, इसकी भी जानकारी मिलेगी। वहीं, कितनी फीस लगेगी इसका भी आकलन एप के जरिए हो जाएगा।
बाहरी लोगों को भी होगी सहूलियत
अधिकांश जिलों में बाहरी लोग रहकर नौकरी करते हैं। ऐसे में उनको भी पासपोर्ट बनवाने के दौरान परेशानी नहीं होगी। आवेदन करने के बाद पुलिस उक्त जिले के संबंधित थाना क्षेत्र व पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जांच कराने के बाद अपनी रिपोर्ट लगाएगी। इससे बाहरी लोगों को खासा फायदा भी मिलेगा।
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ऐसे करना होगा उपयोग
- मोबाइल में एम-पासपोर्ट सेवा एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा।
- एप के डाउनलोड हो जाने के बाद नए यूजर रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा।
- जिस शहर में आप रह रहे हैं वहां के पासपोर्ट कार्यालय को चयन करें।
- अपना नाम, जन्मतिथि व ई-मेल आईडी की जानकारी देनी होगी।
- अपनी एक यूनिक लॉग-इन आईडी और पासवर्ड देना होगा।
- लिंक पर क्लिक करने के बाद पुष्टि के लिए लॉग-इन आईडी मांगी जाएगी।
- अब नए पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकेंगे।
एप से लोगों को बेवजह चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। समय के साथ पुलिसकर्मियों को भी इस तकनीक का फायदा होगा। जिनके पास पहले से पासपोर्ट है, उनको भी इस एप के माध्यम से कई सुविधाएं मिलेंगी। ऐसे पासपोर्ट धारक भी अपनी जानकारी में बदलाव करा सकेंगे।
राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक
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