सोशल मीडिया पर बढ़ी निगरानी, पुलिस पढ़ रही एक-एक पोस्ट
झांसी। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बढ़ रहे बवाल को देखते हुए सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी गई है। झांसी, ललितपुर के साथ बुंदेलखंड के जिलों में पुलिस का आईटी सेल सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक 65 ऐसी पोस्ट फिलहाल सामने आईं हैं जिनसे विवाद बढ़ सकता है। इन पोस्ट को शेयर और लाइक करने वाले भी जांच के घेरे में आ रहे हैं। कुछ लोगों से बात करके तत्काल पोस्ट को डिलीट भी करवाया गया।
सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले लोगों की सूची तैयार की जा रही है। झांसी समेत बुंदेलखंड के अब तक 80 लोग पुलिस की रडार पर आ चुके हैं। इनमें कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पोस्ट डाली हैं जबकि कुछ शेयर कर रहे हैं। पोस्ट पर जिन लोगों ने भावनाओं को भड़काने वाली टिप्पणी की है उन्हें भी जांच के घेरे में लिया गया है।
विवादित पोस्ट डालने पर 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा होता है। इसमें पांच साल की सजा का प्रावधान है। यदि ऐसी कोई पोस्ट जिससे दो वर्गों के बीच शत्रुता का संप्रर्वतन हो जाए तो तीन साल, राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांक्षन प्राख्यान करने पर भी तीन साल की सजा हो सकती है। - प्रणय श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता।
पुलिस का आईटी सेल सोशल मीडिया की लगातार निगरानी कर रहा है। माहौल बिगाड़ने वाले कई लोगों को पुलिस ने चिह्नित भी कर लिया है। इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। किसी भी हाल में आपसी सौहार्द का माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। - सुभाष सिंह बघेल, डीआईजी, झांसी।