आज तक पुलिस को नहीं मिला कोई शातिर साइबर जालसाज
झांसी। साइबर ठगों के हाथों लूटते ईमानदार गरीब नागरिकों की बेबसी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साइबर पुलिस की सुस्ती पर यूं ही सवाल नहीं खड़े किए बल्कि जमीनी सच्चाई भी यही है। झांसी में साइबर अपराधी लगातार लोगों की गाढ़ी कमाई पर सेंध लगा रहे हैं लेकिन, शातिर अपराधियों तक साइबर पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी। पिछले करीब एक साल के दौरान साइबर थाने में 26 मामले दर्ज हुए लेकिन, पुलिस सिर्फ 10 मामले ही निपटा सकी। पुलिस ने कुछ पैसे जरूर वापस कराए लेकिन, किसी साइबर अपराधी को पकड़ने में उसे कोई भी कामयाबी नहीं मिली है।
साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों को समय पर निपटाने के लिए पिछले वर्ष अगस्त माह में यहां साइबर थाना खुला। उम्मीद जताई गई कि अपराधियों की धरपकड़ होने के साथ साइबर अपराधों पर लगाम कसेगी लेकिन, पुलिस के ही आकड़े दूसरी तस्वीर पेश करते हैं। साइबर थाने में अभी सिर्फ एक लाख से अधिक रकम की धोखाधड़ी के मामले दर्ज होते हैं। इस तरह के अब तक 26 मामले दर्ज हुए। इनमें एटीएम स्वैपिंग, ऑनलाइन फ्राड, सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे मामले शामिल हैं लेकिन, पुलिस महज 10 मामलों का ही खुलासा कर सकी। इसके जरिए पुलिस ने कुल 36,88,789 रुपये वापस कराए लेकिन, जिन 16 मामलों का खुलासा नहीं हुआ उनमें बैंकिंग फ्राड के गंभीर मामले शामिल हैं। ऐसे मामलों में समय पर बैंक के जरिए खाते फ्रीज कराए जा सकते हैं लेकिन, पुलिस की लापरवाही से तमाम मामलों में अपराधी पीड़ितों का पैसा ले उड़े। वहीं, कुछ मामलों में पुलिस ने पैसे जरूर वापस कराए लेकिन, अपराधियों तक उसकी पहुंच नहीं हुई है। ठगी के दूर-दराज के इलाकों में होने की बात कहकर पुलिस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लेती है। इस वजह से साइबर ठगों के हौसले बुलंद हैं। वहीं, थाना खुलने के बाद भी साइबर फ्राड के शिकार लोगों की सुनवाई नहीं होती। रोजाना बड़ी संख्या में लोग साइबर सेल एवं साइबर थाने के बीच चक्कर काटते रहते हैं लेकिन, पुलिस मामला दर्ज नहीं करती।
इन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं साइबर अपराधी
- एटीएम का पासवर्ड पूछकर बैंक अकांउट से रुपये निकाल लेना
- फर्जी ईमेल आईडी बनाकर किसी के नाम का भी गलत इस्तेमाल करना
- फेसबुक अकाउंट पर छेड़छाड़, गलत तरीके से अश्लील फोटो अथवा वीडियो बनाकर उसे अपलोड करना
- ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए ठगी करके ग्राहकों को चूना लगाना
- सोशल मीडिया में तस्वीर वायरल करके ब्लैकमेल करना एवं धमकी देना
साइबर क्राइम के बढ़ते चलन की वजह से ही अलग से थाना खोला गया। मामले तेजी से निस्तारित हों, इसके लिए इनके कार्यो की जल्द ही समीक्षा की जाएगी। साइबर अपराधियों की भी धरपकड़ होगी। जोगिंदर सिंह, डीआईजी