कवि सम्मेलन में प्रस्तुतियां प्रस्तुत करते कवि |
बबीना। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री दिगंबर पार्श्वनाथ जैन मंदिर में एक भव्य साहित्यिक कवि सम्मेलन हुआ। इसमें काव्य रस की अविरल धारा बही। यह आयोजन संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर महाराज, नवाचार्य श्री समयसागर महाराज और आर्यिका ज्ञानमती के जन्मदिवस की मंगल स्मृतियों को समर्पित रहा।
कवियों ने अपनी रचनाओं से इन महान संतों के व्यक्तित्व का गुणगान किया। उन्होंने अहिंसा, त्याग, तपस्या और मानव कल्याण के संदेशों पर प्रकाश डाला। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की कृति ‘मूक माटी’ के उच्च मूल्यों की सराहना भी की गई। पूर्व सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। गीतकार मोनिका पांडे ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। नवोदित कवयित्री विभाश्री ने अनित्य भावना पर सुंदर गीत सुनाया।
जहीर ललितपुरी ने संत के गौरव और भारतीय संस्कृति पर पंक्तियां सुनाईं। रिपु सूदन नामदेव ने कविताओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। डॉ. मकीन सिद्दीकी ने प्रेम की भावनाओं को शब्द दिए। जलील अख्तर ‘जलील’ ने अपनी शायरी से श्रोताओं को भावविभोर किया। संयोजक सुशील जैन ने मिट्टी की शक्ति और बलिदान का चित्रण किया। देवेंद्र नटखट और वैभव दुबे ने अपनी प्रस्तुतियों से खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्य प्रकाश ‘सत्य’ ने की और पंकज अभिराज ने संचालन किया।
कवि सम्मेलन में प्रस्तुतियां प्रस्तुत करते कवि |