झांसी। प्रधानमंत्री आवास योजना के दूसरे चरण के लिए चयनित पात्रों की जांच का काम करीब अंतिम दौर में पहुंच गया है। ब्लॉक स्तर पर प्रत्येक पात्र की कुडंली खंगाली जा रही है। इसके लिए खास तौर से अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। जांच में जुटे अधिकारियों का कहना है मापदंडों पर खरे न उतरने वाले करीब दस हजार लोग सूची से बाहर होंगे।
निर्धन रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मुहैया कराया जाता है। जगणना-2001 के मुताबिक प्रथम चरण में चिह्नित पात्रों के बीच 11,063 आवास वितरित किए जा चुके हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में आवास से वंचित लोग मौजूद हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने ग्राम्य विकास विभाग को नए सिरे से पात्र चिह्नित करने के निर्देश दिए। इस सर्वे में जनपद में 40120 लोग पात्र पाए गए। यह सूची आवास प्लस एप के लिए भेज दी गई लेकिन, केंद्र सरकार ने इस सूची की दुबारा जांच के निर्देश दिए।
उसके बाद पंचायतों को यह जिम्मेदारी दी गई। ग्राम पंचायत स्तर पर डोर-टू-डोर सर्वे कराया जा रहा है। खुद के नाम पक्का मकान, केंद्र अथवा राज्य के आवासी योजना के लाभार्थी, नाबालिक आदि को सूची से बाहर कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक करीब दस हजार लोग सूची से बाहर किए जाएंगे। परियोजना अधिकारी डॉ.राजकुमार गौतम के मुताबिक सत्यापन कार्य अंतिम चरण मेें है। इसके पूरा होने के बाद ही सही आकड़ा मालूम चल सकेगा। उनका कहना है जल्द ही यह कार्य पूरा करा लिया जाएगा। बता दें, उक्त सूची के मुताबिक मऊरानीपुर 8376, बंगरा 2900, गुरसराय 8480, बबीना 2643, चिरगांव 8188, मोंठ 6123, बड़ागांव 1959 एवं बामौर 3676 पात्र चिह्नित किए गए थे।