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Jhansi News: परमिट ने रोकी रोडवेज बसों की चाल, ग्रामीण बेहाल

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संवाद न्यूज एजेंसी

झांसी। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से रोडवेज बसों के परमिट जारी नहीं करने की वजह से ग्रामीण इलाकों में रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है। बसों का संचालन नहीं होने का खामियाजा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वह निजी बसों में ज्यादा किराया देकर भी आराम से सफर नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, परिवहन विभाग का कहना है कि रोडवेज और निजी बस संचालकों में सहमति नहीं बन पाने की वजह से परमिट जारी नहीं हो सके हैं।



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झांसी। महानगर के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर 80 से 85 बसें संचालित की जाती हैं। इसके साथ ही झांसी से अन्य मार्गों पर महज 12 रूटों के परमिट होने कारण झांसी से समथर, सरैनी, गरौठा, दिल्ली, ललितपुर मार्गों पर ही बसों का संचालन किया जाता है। अन्य मार्गाें का परमिट नहीं होने के कारण रोडवेज बसें संचालित नहीं की जाती हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो टहरौली से दिल्ली के लिए रोडवेज बस का संचालन दो साल पहले बंद कर दिया गया था। आज तक यहां रोडवेज बस की सुविधा बंद ही है। टहरौली क्षेत्र के लोगों को दिल्ली जाने के लिए अब पहले झांसी आना पड़ता है। वहीं, एरच कस्बे से दो रोडवेज बसें चलाई गई थीं। जिन्हें चार साल पहले बंद कर दिया गया। इसके साथ ही ककरबई से झांसी के बीच चलाई जा रही रोडवेज बस का संचालन वर्ष 2012 में बंद कर दिया गया था। यहां भी अब तक झांसी से रोडवेज बस का संचालन शुरू नहीं किया जा सका। मजबूरी में लोगों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ता है।

वहीं, मोंठ क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों के लिए पहले रोडवेज बसें चलाई जाती थीं। वर्तमान में इन क्षेत्रों के लिए परिवहन निगम की सभी बसें बंद हैं। इस वजह से स्थानीय लोगों को परेशानी से रूबरू होना पड़ रहा है। मोंठ से शाहजहांपुुर के लिए रोडवेज के साथ ही प्राइवेट बस भी नहीं है। पहले शाहजहांपुर के अलावा, झांसी से पूंछ के सेसा से पहाड़ गांव होते हुए भी दो बसें ग्रामीण बस सेवा के रूप में चलाई गई थीं, जो कोंच से कानपुर जाती थीं। वर्तमान में इनका भी इन बसों का संचालन भी ठप है।



वर्जन....

वर्षों से परिवहन विभाग से परमिट की मांग की जा रही है। इसके लिए कई बार आवेदन भी किया गया, लेकिन परमिट नहीं दिए जा रहे। इससे कई इलाकों में रोडवेज बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। - रामदास सोनकर, एआरएम, रोडवज
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वर्जन...

आरटीए की बैठक में परमिट पर निर्णय लिया जाता है। रोडवेज और निजी बस संचालकों की सहमति नहीं बन पाने के कारण परिवहन विभाग को परमिट जारी नहीं किए जा सके। इस बार निश्चित ही सहमति बनने पर परमिट जारी किए जाएंगे। - अरविंद त्रिवेदी, आरटीओ, प्रशासन
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