अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सहकारी समितियों के हिसाब-किताब के लिए मोटे-मोटे रजिस्टर खंगालने की बात अब पुरानी हो चली। मंडल की सभी 165 पैक्स सहकारी समितियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। इससे समितियों की ओर से बांटे जाने वाले कर्ज की केंद्रीय स्तर से निगरानी रखी जा सकेगी। समितियों पदाधिकारी भी अब लेजर बुक से छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे।
झांसी मंडल में किसानों से लेकर शिक्षक, वेतनभोगी कर्मचारी, उपभोक्ता समेत अन्य से जुड़ी कुल 165 सहकारी समितियां पैक्स हैं। इन समितियों के जरिए सदस्यों को न्यूनतम ब्याज दरों में कर्ज दिया जाता है। सालाना समितियां अपने सदस्यों को लाखों रुपये का कर्ज देती हैं लेकिन, इनका पूरा हिसाब सिर्फ रजिस्टर में दर्ज रहता था। इससे गड़बड़ी की आशंका बनी रहती थी। इस अव्यवस्था को खत्म करने के लिए सरकार ने समितियों के ऑडिट कराने के साथ ही उनकी बैलेंस शीट भी ऑनलाइन कराने को कहा। सहकारिता विभाग के अफसरों का कहना है कि अधिकांश जगहों पर काम पूरा हो गया है। इसके बाद से सभी समितियां ऑनलाइन ही काम करेंगी। सदस्यों के कर्ज की स्थिति ऑनलाइन ही देखी जा सकेगी।
झांसी मंडल में सहकारी समितियां
जनपद पैक्स संख्या ऑडिट पूरा होने वाले पैक्स
झांसी 58 48
ललितपुर 41 49
जालौन 41 41
इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद समितियों के कामकाज की ऑनलाइन माध्यम से निगरानी रखी जा सकेगी। पहले चरण का काम पूरा हो चुका। दूसरे चरण का काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।
उदयभानु
संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता