झांसी। जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए बेड को लेकर जबरदस्त मारामारी मची हुई है। हाल ये है कि मरीजों को गैलरी में लिटाकर इलाज करना पड़ रहा है। वहीं, मरीज भर्ती होने के लिए वार्ड में फाइल जमाकर एडवांस बुकिंग तक करा रहे हैं। इसके बावजूद, निक्कू वार्ड पर ताला जड़ा हुआ है। ऐसे में कई मरीज भर्ती होने के लिए प्राइवेट अस्पताल जा रहे हैं।
डेंगू का कहर झांसी पर लगातार टूट रहा है। रोजाना 15 या इससे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में मरीज खचाखच भरे पड़े हैं। सरकारी अस्पतालों में तो एक-एक बेड को लेकर मारामारी मची हुई है। जिला अस्पताल में तो डेंगू वार्ड के बाहर गैलरी में बेड डाल दिए गए हैं। सोमवार को अमर उजाला ने जिला अस्पताल में जाकर पड़ताल की तो पता चला कि डेंगू वार्ड में भर्ती होने के लिए लोग एडवांस बुकिंग तक कराने लगे हैं। लोग फाइल लेकर वार्ड में चले जाते हैं और कहते हैं कि जैसे ही कोई बेड खाली हो उनके मरीज को भर्ती कर लिया जाए। जबकि, नेत्र रोग विभाग की ओटी के ठीक बगल में दो मंजिला बिल्डिंग में ताला लगा हुआ है। यह बिल्डिंग निक्कू वार्ड के रूप में सुरक्षित की गई है। यदि इसे डेंगू मरीजों के लिए खोल दिया जाए तो 20 से 25 मरीज इसमें आसानी से भर्ती हो सकते हैं।
खराब पड़ा वाटर कूलर, पेयजल की परेशानी
अस्पताल में डिजिटल एक्सरे बिल्डिंग में वाटर कूलर खराब पड़ा हुआ है। यहां पर अल्ट्रासाउंड भी होता है। ऐसे में काफी मरीज घंटों जांच कराने के लिए बैठे रहते हैं। इन्हें बार-बार प्यास लगती है मगर वाटर कूलर ठीक न होने से पेयजल को तरसते रहते हैं।
...मरीज आते तो गुम हो जाते स्ट्रेचर
जिला अस्पताल में दर्द से कराहते मरीजों और विकलांगों को स्ट्रेचर या फिर व्हील चेयर भी नहीं मिल पाती है। सोमवार को गंगाराम अपने बेटे अजय को गोल में लेकर दौड़ते हुए मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी स्ट्रेचर, व्हील चेयर नहीं मिली। स्टाफ ने कहा कि खुद गोदी में उठाकर ले जाओ। वहीं, एक विकलांग को उसके दो साथी अपने कंधों पर उठाकर कोविड जांच कराने के लिए ले गए। उन्होंने भी बताया कि व्हील चेयर कहीं नहीं दिखाई दी।
जिला अस्पताल में दिखाने के लिए आई थी। प्यास लगी तो वाटर कूलर से पानी पीने के लिए आ गईं। यहां पर वाटर कूलर खराब पड़ा हुआ है। बच्ची भी प्यासी है। - शाबरा।
अस्पताल की एक्सरे बिल्डिंग का वाटर कूलर खराब पड़ा हुआ है। पानी पीने के लिए आया तो दो बूंद ही पानी गिरा। अब कहीं और जाकर पानी पीना पड़ेगा। - आबिद हुसैन।
कोविड की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर निक्कू वार्ड में वेंटिलेटर समेत अन्य मशीनों से तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर यहां मरीजों को भर्ती किया जाता है। अभी जितने मरीज आ रहे हैं, उनके हिसाब से बेड हैं। निक्कू वार्ड इमरजेंसी के लिए रिजर्व है। यदि जरूरत पड़ेगी तो मरीजों के लिए खोल देंगे। - डॉ. अतुल गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल।