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मरीजों को नहीं मिलता नाश्ता, तीमारदार बाहर से खरीदकर लाते हैं चाय-बिस्कुट

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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की वार्ड बिल्डिंग में भर्ती मरीजों को सुबह का नाश्ता नहीं दिया जा रहा है। तीमारदार बाहर से खरीदकर चाय-बिस्कुट लाते हैं। इसके अलावा कई वार्डों में बाथरूम में सफाई न होने से गंदगी रहती है। शुक्रवार की दोपहर तो रैंप के पास लगे नलों से पानी भी नहीं आ रहा था।
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मेडिकल कॉलेज की वार्ड बिल्डिंग में दस वार्ड बने हुए हैं। हर वार्ड में 60-70 मरीज भर्ती रहते हैं। इन मरीजों को सुबह नाश्ता देने का नियम है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि सीधे दोपहर 12 बजे के आसपास खाना आता है। इसके बाद शाम सात से आठ के बीच में भोजन मिलता है। फिर सीधे 15-16 घंटे बाद अगले दिन दोपहर में खाना आता है। सुबह मरीजों को भूख लगती है तो परिजन बाहर से चाय-बिस्कुट या अन्य नाश्ता लेकर आते हैं। तीमारदारों ने कहा कि वार्डों के बाथरूम में सफाई न होने से गंदगी और जलजमाव रहता है।
लिफ्ट नहीं सुधरी, स्ट्रेचर घसीटकर ले जाते मरीज
वार्ड बिल्डिंग में लगी लिफ्ट अभी तक सुधरी नहीं है। मरीज को स्ट्रेचर पर रखकर तीमारदार वार्ड तक ले जाते हैं। इसके अलावा वार्ड के बाहर तीमारदारों के लिए लगा टीवी भी खराब पड़ा हुआ है। वाटर प्यूरीफायर भी ठीक नहीं है। शुक्रवार को कई कूलर बिना पानी के चलते हुए मिले।
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स्ट्रेचर के साथ आया कर्मी और ले गया सौ रुपये
मेडिकल कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तीमारदारों से वसूली कर रहे हैं। संतोष ने बताया कि शुगर बढ़ी होने की वजह से उनकी पत्नी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान उनके परिजन स्ट्रेचर से मरीज को लेकर आए। मगर साथ आया कर्मचारी सौ रुपये लेकर चला गया।
ये बोले तीमारदार
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भांजी अंशी ठाकुर को सांप ने काट लिया था। यहां वार्ड में भर्ती किया है। एक भी दिन सुबह का नाश्ता नहीं दिया गया। बाथरूम में पानी नहीं रहता है। जनरेटर बंद हो जाने पर कूलर तो चलता ही नहीं है। कई पंखे भी बंद हो जाते हैं। - दीपक ठाकुर।
पत्नी सुकर्तन को मिर्गी के दौरे आते हैं, वह चार दिन से वार्ड आठ में भर्ती है। एक भी दिन सुबह का नाश्ता नहीं मिला है। चाय-नाश्ता बाहर से खरीदकर लाते हैं। शाम के खाने के 15-16 घंटे बाद अगले दिन भोजन मिलता है। - नत्थू खान
मेरा भाई राकेश अहिरवार दो दिन से वार्ड में भर्ती है। उसे सांप ने काट लिया था। नाश्ता तो मिलता ही नहीं है। पीने के लिए पानी की बोतल भी बाहर से खरीदकर लाते हैं। बाथरूम भी चोक हैं। इसे जल्द सुधारा जाए। - तेज पाल।
भाभी प्रभा को कई दिनों से बुखार आ रहा था। तीन दिन पहले वार्ड आठ में भर्ती कराया है। दिन भर में सिर्फ दो बार खाना मिलता है। तीन दिन में एक बार भी नाश्ता नहीं मिला है। इसलिए घर से टिफिन में नाश्ता लेकर आते हैं। - रामलखन।
कॉलेज में टंकियों की सफाई चल रही है। इस कारण पानी की दो-तीन दिन समस्या रहेगी। मरीजों को नाश्ता देने का नियम है। पता कराया जाएगा कि क्यों नहीं मिल रहा है। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
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