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Jhansi News: सेहत सुधारने के लिए दवा की अधूरी डोज खाते रहे मरीज

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चिंताजनक : औषधि प्रशासन विभाग की जांच में एंटीबायोटिक, पैरासिटामोल से लेकर मेडिकेटेड साबुन के तीन फीसदी नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे
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झांसी का एक, जालौन के चार और ललितपुर के छह नमूने मिले अधोमानक
अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। औषधि प्रशासन विभाग की हालिया रिपोर्ट में चाैंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सरकारी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स से दवाओं के लिए गए 319 नमूनों की प्रयोगशाला में हुई जांच के बाद 11 नमूने अधोमानक मिले हैं, जिनमें साॅल्ट की पूरी डोज नहीं थी। इनमें झांसी का एक, जालौन के चार और ललितपुर के दवाओं के छह नमूने शामिल हैं।
जाहिर है कि ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई दवा कंपनियां लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही हैं। जांच में एंटीबायोटिक, पैरासिटामोल से लेकर मेडिकेटेड साबुन तक के तीन फीसदी नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे हैं।
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औषधि प्रशासन विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि इस साल अप्रैल से अब तक एंटीबायोटिक में एमोक्सिसिलिन, क्लॉक्सासिलिन, सेफेक्सीम, सेफ्पोडोक्सिम, पैरासिटामोल और त्वचा में खुजली पर इस्तेमाल होने वाला पर्मेथ्रिन साबुन के नमूने अधोमानक मिले हैं। सहायक आयुक्त औषधि दीपक शर्मा ने बताया कि जो दवाएं अधोमानक मिली हैं। इनकी विवेचना के बाद सक्षम न्यायालय में निर्माता कंपनियों के खिलाफ वाद दायर किया गया है। औषधि विभाग ने उन कंपनियों और दुकानों को नोटिस जारी किया है जिनके उत्पाद मानकों पर खरे नहीं उतरे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निम्न गुणवत्ता वाली दवाएं इलाज की प्रभावशीलता को कम करती हैं और मरीजों के लिए जोखिम पैदा करती हैं। खास तौर पर एंटीबायोटिक के कमजोर घटक एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ा सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है।
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ललितपुर में सर्वाधिक, झांसी में लिए गए सबसे कम नमूने

जांच टीम ने बीते आठ महीने में विभिन्न सरकारी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स से नमूने लिए थे। लैब में परीक्षण के दौरान कुछ दवाइयों में सक्रिय तत्व निर्धारित मात्रा से कम पाए गए, जबकि कुछ मेडिकेटेड साबुनों में एंटीबैक्टीरियल एजेंट मानक स्तर तक नहीं मिले। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि मंडल में ललितपुर में दवाओं के सर्वाधिक 125 नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए। इसी तरह जालौन में 121 नमूने एकत्र किए गए। झांसी में महज दवाओं के 73 नमूने लिए गए। इसके पीछे का कारण झांसी में औषधि निरीक्षक का पद खाली होना है। जुलाई में औषधि निरीक्षक अनुरोध कुमार का तबादला हो गया था। तब से जालौन की औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे को झांसी का भी चार्ज मिला हुआ है। वह सप्ताह में तीन दिन जालौन और तीन दिन झांसी का कामकाज देखती हैं।
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