झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए मतदाता सूची बनाए जाने का काम जल्द शुरू होने वाला है। इसके लिए बीएलओ की ड्यूटी लगाई जा रही है लेकिन, ड्यूटी से बचने को तमाम कर्मचारी नए-नए पैंतरे भी आजमा रहे हैं। बीमारी आदि के अलावा कई जगह अफसरों के पास ऐसे भी फोन कराए जा रहे हैं जिनमें कर्मचारी से चुनावी प्रक्रिया के प्रभावित होने का अंदेशा जताया जा रहा है। वहीं, अफसरों का कहना है जांच-पड़ताल के बाद ही चुनावी ड्यूटी लगाने का काम किया जा रहा है। पंचायत चुनावों में एक-एक वोट पर उम्मीदवारों की निगाह होती है। इस वजह से इनमें सर्वाधिक विवाद भी होते हैं। आम तौर पर कर्मचारी पंचायत चुनावों से दूर रहना ही पंसद करते हैं। तमाम कर्मचारियों ने इससे दूर रहने के लिए तमाम हथकंडे अपनाने शुरू कर दिए हैं। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अफसरों के मुताबिक बीएलओ की ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी के अलावा अन्य हथकंडे भी अपनाए जा रहे हैं। अभी हाल में ही कई मामले ऐसे भी सामने आए जिसमें कर्मचारियों ने करीबियों की मदद से अफसरों को फोन कराकर चुनाव में गड़बड़ी की आशंका जताई।
जांच कराने के बाद ऐसी शिकायत झूूठी पाई गई। इसी तरह कुछ कर्मचारी अपने परिजनों के ही चुनावी मैदान में उतरने के बहाने चुनावी ड्यूटी से बचने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन, अफसरों का कहना है कि जांच-पड़ताल के बाद ही बीएलओ तैनात किए जा रहे हैं। बता दें, मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य एक अक्तूबर से आंरभ होने जा रहा है। इसके लिए बीएलओ की ड्यूटी तहसील स्तर पर लगाए जाने का काम शुरू हो गया है। जल्द ही सूची फाइनल कर दी जाएगी। बीएलओ को मतदाता सूची में नाम जोड़ने अथवा घटाने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे करना होगा। इस लिहाज से बीएलओ को काम आने वाले माह में सबसे अहम होगा। इस बार भी बीएलओ में शक्षिामित्रों की मदद ली जा रही है।